पेट्रोल-डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की कीमत थोड़ी अधिक होती है, जो लोगों को ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) खरीदने से हतोत्साहित करती है। अगर आप भी उच्च कीमत के कारण ईवी कार नहीं खरीद पा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि अगले दो सालों में ईवी कारों और बाइक्स की कीमत पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर हो जाएगी।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और सरकार भी इन्हें बढ़ावा दे रही है, हालांकि कीमतों को लेकर लोगों में अभी भी कुछ संकोच है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक इवेंट में कहा कि जब उन्होंने 10 साल पहले इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात की थी, तो किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब लोग मानते हैं कि अवसर हाथ से निकल चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि वह ईवी सब्सिडी और इंसेंटिव के खिलाफ नहीं हैं, अगर वित्त मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय इसके लिए राशि आवंटित करते हैं।
नई ईवी मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी का उद्देश्य वैश्विक कंपनियों को भारत की घरेलू वैल्यू चेन में योगदान देने के लिए आकर्षित करना है। इसके तहत कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने के लिए कम से कम 4,150 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा और तीन साल में उत्पादन शुरू करना होगा। इसके साथ ही, कंपनियों को कम से कम 25 प्रतिशत डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन (डीवीए) करना होगा और पांच वर्षों में यह 50 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा।
बीते महीने जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि 2030 तक नई कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वित्त वर्ष 24 में, वित्त वर्ष 23 की तुलना में 42.06 प्रतिशत अधिक नई कारें पंजीकृत की गईं।
अगले दो सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों के बराबर होगी- नितिन गडकरी






