
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई ) के नए नियमों का सीधा असर अब मोटर बीमा खरीद, प्रीमियम तय होने और क्लेम प्रक्रिया पर दिखाई देगा। वर्ष 2025 में मोटर इंश्योरेंस क्षेत्र कई महत्वपूर्ण परिवर्तनों से गुजर रहा है। ऑनलाइन तुलना बढ़ने के साथ वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे इन नियमों को समझें और पॉलिसी चुनते समय सतर्क रहें।
मोटर बीमा में आईआरडीएआई के प्रमुख बदलाव
नए मास्टर सर्कुलर में क्लेम हैंडलिंग, पॉलिसी रद्दीकरण, ग्राहक विवरण और दस्तावेजों से जुड़े स्पष्ट निर्देश शामिल हैं। सबसे बड़ा बदलाव यूसेज-बेस्ड इंश्योरेंस यानी पे-एज-यू-ड्राइव है, जिसमें वाहन मालिक अपने उपयोग के अनुसार ही प्रीमियम देंगे। टेलिमैटिक्स आधारित यह सुविधा प्रीमियम निर्धारण को अधिक पारदर्शी बनाएगी और ग्राहकों को खर्च पर बेहतर नियंत्रण देगी।
कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस: नए नियमों का प्रभाव
कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी अब भी वाहन मालिकों की पहली पसंद है, क्योंकि यह थर्ड पार्टी के साथ-साथ अपनी गाड़ी के नुकसान को भी कवर करती है। 2024 के बाद पॉलिसी दस्तावेज अधिक स्पष्ट हुए हैं, जिससे क्लेम प्रक्रिया और आसान होने की उम्मीद है। पॉलिसी बदलते समय जीरो डिप्रीसिएशन, रोडसाइड असिस्टेंस, रिटर्न टू इनवॉइस और कंज्यूमेबल कवर जैसे ऐड-ऑन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस: सीमित सुरक्षा लेकिन अनिवार्य
हर वाहन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा कानूनी रूप से जरूरी है, लेकिन यह आपकी कार की मरम्मत लागत को कवर नहीं करता। नए नियमों का फोकस मुख्य रूप से पारदर्शिता और क्लेम प्रक्रिया पर है। भीड़भाड़ वाले शहरों में केवल थर्ड-पार्टी पॉलिसी पर्याप्त सुरक्षा नहीं देती, इसलिए अधिकांश लोग कॉम्प्रिहेंसिव प्लान चुनते हैं।
तेज और पारदर्शी क्लेम प्रक्रिया
नए नियमों में क्लेम निपटान के लिए निश्चित समय सीमा तय की गई है। आईआरडीएआई ने स्पष्ट किया है कि क्लेम को बिना उचित कारण के खारिज नहीं किया जा सकता। पॉलिसी खरीदते समय ही आवश्यक दस्तावेज ले लिए जाएंगे, ताकि क्लेम करते समय परेशानी न हो। बीमा कंपनी चुनते समय उसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर जांचें। इसके लिए आईआरडीएआई की वार्षिक रिपोर्ट भरोसेमंद स्रोत है।
डिजिटल बदलाव: बीमा सुगम प्लेटफॉर्म
2025 में बीमा सुगम नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू होने वाला है, जिससे पॉलिसी खरीदना, रिन्यू करना और क्लेम दर्ज करना एक ही स्थान पर संभव होगा। इसके लागू होने तक वाहन मालिकों को विश्वसनीय वेबसाइटों पर पॉलिसियों की तुलना कर ऑनलाइन खरीदने पर जोर देना चाहिए।

2025 में पॉलिसी रिन्यू करते समय ध्यान देने योग्य बातें
- उपयोग के अनुसार पॉलिसी चुनें: यदि आपकी वार्षिक ड्राइविंग कम है, तो पे-एज-यू-ड्राइव जैसे टेलिमैटिक्स आधारित विकल्प पर विचार करें।
- ओन-डैमेज और थर्ड-पार्टी का संतुलन रखें: कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी लेते समय आईडीवी, डिडक्टिबल और पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
- सेवा गुणवत्ता जांचें: क्लेम सेटलमेंट रेशियो और कैशलेस गैरेज नेटवर्क ग्राहक अनुभव को काफी प्रभावित करते हैं।
- पॉलिसी शब्दावली समझें: खासतौर पर डिप्रीसिएशन, कंज्यूमेबल्स और इंजन प्रोटेक्शन जैसी शर्तों को जरूर समझें।
- क्लेम समयसीमा का पालन करें: दुर्घटना की सूचना तुरंत दें, ऐप का उपयोग करें और सर्वे/वर्कशॉप की प्रक्रिया समय पर पूरी करें।
मूल्य, डिडक्टिबल और दस्तावेजों में बदलाव
नए नियम बीमा कंपनियों को अधिक लचीलापन देते हैं, जिससे आईडीवी निर्धारण, डिडक्टिबल विकल्प और ऐड-ऑन डिजाइन में कंपनियों के बीच अंतर बढ़ सकता है। इसी कारण पॉलिसी शेड्यूल को अच्छी तरह पढ़ना पहले से अधिक जरूरी हो गया है।
कार इंश्योरेंस प्रणाली पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी, डिजिटल और ग्राहक-केंद्रित बन रही है। सही जानकारी और उचित तुलना के साथ आप बेहतर सुरक्षा और उचित कीमत पर सही इंश्योरेंस पॉलिसी चुन सकते हैं। अधिकतर वाहन मालिकों के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान अभी भी सबसे संतुलित विकल्प है, खासकर तब जब आप ऑनलाइन तुलना कर सही पॉलिसी चुनते हैं।




