कुकरैल नदी को जीवंत करने के लिये और गरजेगा योगी का बुलडोजर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माणों पर योगी का बुलडोजर लगातार गरज रहा है। खासकर कुकरैल नदी के आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर कुकरैल नदी को पुनःजीवंत करके उसके पुराने स्वरूप में लाने में जुटे प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अब अकबरनगर से आगे के इलाके में अवैध निर्माणों पर योगी का बुलडोजर गरजने को तैयार नजर आ रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से हिदायत दी गई है कि कुकरैल नदी के बहाव क्षेत्र के आसपास पचास मीटर के दायरे में आने के वाले सभी तरह के अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। इसके लिये प्रशासन की संयुक्त टीम ने इंद्रप्रस्थ नगर, पंतनगर, रहीमनगर, खुर्रमनगर, अबरारनगर का सर्वे कर चुकी है। पहले दिन ने एक किलोमीटर तक लाल निशान लगाए गये जहां तक के अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा। गौरतलब हो, छोटी नदियों के बचाव की मुहिम का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को कुकरैल नदी को अतिक्रमण मुक्त बनाने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत पहले चरण में अकबरनगर में करीब एक हजार अवैध मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त किया। इसी अभियान के दूसरे चरण के तहत 08 जुलाई को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, एसडीएम सदर अंकित शुक्ला , एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश वैश्य के साथ पुलिस टीम ने महानगर-रहीमनगर के पास स्थित बंधे के पास सर्वे किया। नदी से दूरी नापने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण लौट गए। एडीएम राकेश ने बताया कि सर्वे के दौरान जिन मकानों पर लाल निशान लगाया जा रहा है। उन भवन स्वामियों को लखनऊ विकास प्राधिकरण नोटिस देगा। नोटिस के जरिए उनकों घरों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर नोटिस के बाद भी घर खाली नही होंगे तो अकबरनगर की तरह यहां भी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन की टीम ने आज मंगलवार 09 जुलाई से रहीमनगर आदि में जीपीएस से सर्वे करने का फैसला लिया है। अधिकारियों के मुताबिक सकरी गली होने के कारण कुकरैल नदी के दायरे में आने वाली जमीन और मकान का चिह्निकरण करने में दिक्कत हो रही है। जीपीएस से सर्वे करने के बाद मकानों पर लाल निशान लगाने की सहमति बनी है।
संजय सक्सेना, लखनऊ

विशिखा मीडिया

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