अयोध्या रेप कांड: सपा नेता और कर्मचारी ने बनाया था सामूहिक दुष्कर्म का वीडियो

अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपियों के मोबाइल फोन भी राज खुलेंगे। इसके लिए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। सर्विलांस टीमें इस पर कार्य कर रही हैं। माना जा रहा है कि इससे भी केस को मजबूत बनाने में पुलिस को काफी मदद मिल सकती है। दर्ज एफआईआर में किशोरी की मां ने बताया है कि उनकी पुत्री को खेत में काम करने के दौरान बेकरी में काम करने वाला राजू खान मिला था, जो उसे लेकर बेकरी मालिक व सपा नेता मोईद खान के पास गया था। वहां मोईद खान ने उसके साथ दुष्कर्म किया और राजू खान ने वीडियो बनाया। बाद में वीडियो के आधार पर उसे ब्लैकमेल करके कई बार उन्होंने दुष्कर्म किया। इस बीच वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पीड़िता का गर्भपात हो चुका है। उसका डीएनए टेस्ट के लिए नमूना भी लिया जा चुका है। मुद्दा राजनीतिक होने के कारण पुलिस भी फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही है और किसी भी एंगल को छूटने नहीं देना चाहती है। पुख्ता सबूत इकट्ठा करने की हर संभव कोशिश हो रही है। इसी लिहाज से अब पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की भी फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है। दोनों के सीडीआर खंगाला जाएगा। मोबाइल फोन के स्टोरेज व बैकअप भी चेक किए जाएंगे। घटना के बाद भी यदि साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल फोन से छेड़छाड़ हुई होगी, तब भी पुलिस को पता चल जाएगा। पुलिस अफसरों ने बताया कि अकाट्य साक्ष्य संकलन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। केस डायरी मजबूत करने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इससे विवेचना व आरोपियों को सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री से मिले निषाद समाज के प्रतिनिधि
कस्बा भदरसा में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में योगी सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई पर निषाद समाज ने संतुष्टि जताई है। निषाद समाज के प्रतिनिधियों ने अयोध्या में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने भी सभी को आश्वस्त किया कि बालिका के साथ हुए शर्मनाक कृत्य के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि भदरसा कस्बे में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी और सपा नेता मोईद खान व उसके नौकर राजू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर न केवल पूराकलंदर थानाध्यक्ष रतन शर्मा व भदरसा चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता को सस्पेंड किया गया बल्कि मुख्य आरोपी की बेकरी पर हुए अवैध निर्माण पर योगी सरकार का बुलडोजर भी चल चुका है। तकरीबन 15 मिनट चली मुलाकात के दौरान निषाद समाज के आधा दर्जन प्रतिनिधियों ने आरोपी सपा नेता के खिलाफ हो रही कार्रवाई को उचित ठहराया। सीएम से मिलने वाले निषाद समाज के प्रतिनिधियों में महंत रामसेवक दास निषाद, अंजू निषाद, दुर्गा प्रसाद निषाद, संदीप निषाद, मंजीत निषाद, आशाराम निषाद और विष्णु निषाद शामिल रहे।
पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता : योगी
अयोध्या में निषाद समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता पर है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि आज श्री अयोध्या धाम में भदरसा क्षेत्र की नाबालिग पीड़िता प्रकरण के विषय में एक सामाजिक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। आश्वस्त रहें, पीड़िता को हर स्थिति में न्याय दिलाने हेतु हम प्रतिबद्ध हैं। पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। सरकार पूरी सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना के दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।

विशिखा मीडिया

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