बांग्लादेश में फंसे ट्रक चालक भारत लौटे, सुनाई आपबीती

बांग्लादेश में फैली हिंसा के चलते इंटरनेशनल ट्रेड बंद हो गया है. पूरे देश में कर्फ्यू लगा है. ऐसे में भारत से व्यापार के सिलसिले में बांग्लादेश गए 207 भारतीय ट्रक ड्राइवर वहां फंस गए थे. जिसमें से 190 ड्राइवरों को कूचबिहार के रास्ते भारत वापस लाया गया है.
बांग्लादेश में जारी उथल-पुथल के चलते भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार काफी बुरी तरह प्रभावित हो गया है. बांग्लादेश में तख्तापलट और हिंसा भड़कने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर 200 से ज्यादा भारतीय ट्रक ड्राइवर फंसे हुए थे. जिनमें से 190 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को भारत वापस सुरक्षित ले आया गया है. केवल 17 और ड्राइवर बचे हैं, उन्हें बी जल्द से जल्द भारत वापस ले आया जाएगा. बांग्लादेश में जारी हिंसा ने कई ट्रक ड्राइवरों को परेशानी में डाल दिया है, क्योंकि बांग्लादेश की राजधानी ढाका से संपर्क टूट गया है और दोनों देशों के बीच ट्रकों की आवाजाही बंद हो गई है. इसको लेकर भारत लौटने पर एक ट्रक ड्राइवर अपनी आपबीती सुनाई.
ट्रक ड्राइवर ने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति बहुत खराब है, वहां मैं दो दिनों तक चारदीवारी के भीतर कैद रहा. खाने-पीने की कोई चीज नहीं थी. मैंने कल से कुछ नहीं खाया है. उनके चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी. हिंसा के बीच, भारतीय ट्रक ड्राइवरों को वापस भेजने की प्रक्रिया सोमवार शाम को शुरू हुई. अभी तक तकरीबन 190 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को भारत वापस सुरक्षित लाया गया है.
कूचबिहार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गरई, एसडीपीओ आशीष सुब्बा, सर्किल इंस्पेक्टर अभिजीत सरकार, इमिग्रेशन चेकपोस्ट के ओसी सुरजीत विश्वास, कस्टम अधीक्षक कुंदन चौहान बीएसएफ अधिकारियों के साथ चंगराबांधा स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर लगातार निगरानी रख रहे हैं. बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में अस्थिर स्थिति के कारण कई चीजों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. बांग्लादेश में अचानक कर्फ्यू लगने से भारतीय ट्रक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश बुरीमारी लैंड पोर्ट पर माल ले जा रहे 207 भारतीय ट्रक फंस गए थे. सोमवार को कुल 190 ट्रक चालकों को भारत वापस लाया गया, लेकिन 17 अभी भी बांग्लादेश में फंसे हुए हैं. बांग्लादेश में फंसे भारतीय चालक मंसूर भारत लौटने के बाद कहा कि पिछले शनिवार को मैं पत्थरों से भरा ट्रक लेकर बांग्लादेश गया था. लेकिन इस समय वहां की स्थिति बहुत खराब है. हम दो दिनों से चार दीवारी के बीच फंसे हुए थे. वहां कोई दुकान नहीं खुली थी. मैं लगभग उपवास की स्थिति में था. जब हमने भारत के अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्होंने हमें भारत वापस लाने की व्यवस्था की. हमें बांग्लादेश के व्यापारियों से कोई मदद नहीं मिली. कूचबिहार जिले के माथाभांगा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गरई ने कहा कि चंगराबांधा भूमि बंदरगाह के माध्यम से आयात-निर्यात का व्यापार होता है. लगभग 200 भारतीय ट्रक चालक बांग्लादेश में फंसे हुए थे और दोनों देशों के सहयोग से ट्रक चालकों को वापस लाना संभव हुआ. फिलहाल सब कुछ शांतिपूर्ण है. सीमा पर अतिरिक्त बीएसएफ जवानों को तैनात किया गया है. गौरतलब है कि कूचबिहार जिले के चंगराबांधा लैंड पोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्ट के जरिए हर दिन करीब 450-500 ट्रक बांग्लादेश में प्रवेश करते हैं. अचानक और अनिश्चितकालीन विदेशी व्यापार बंद होने से भारतीय चालक परेशानी में हैं.

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