राम रहीम फिर एक बार जेल से बाहर, सरकार ने 21 दिन की फरलो दी

हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर फरलो दी है। राम रहीम 21 दिन के लिए जेल से बाहर आ गया है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बाबा राम रहीम जेल से बाहर आ गया है। प्रदेश सरकार ने उसे 21 दिन की फरलो दिया है। मंगलवार सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर हनीप्रीत सुनारिया जेल से राम रहीम को लेकर यूपी के बरनावा आश्रम के लिए रवाना हुई। एक गाड़ी में हनीप्रीत के अलावा ड्राइवर राजा और सीपी अरोड़ा, जबकि दूसरी गाड़ी में ड्राइवर प्रीतम, एडवोकेट हर्ष अरोड़ा और डॉक्टर पीआर नैन थे। पुलिस सुरक्षा में राम रहीम को जेल से यूपी ले जाया गया है।
गुरमीत को साध्वी दुष्कर्म मामले में वर्ष 2017 में सजा सुनाई गई थी। बाद में उसे छत्रपति हत्याकांड और रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। तभी से वह सुनारिया जेल में बंद है। पिछली बार 19 जनवरी को सरकार ने रामरहीम को 50 दिन की पैरोल दी थी, जो यूपी के बरनावा आश्रम में व्यतीत की गई।
इसके बाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर फैसला दिया था कि रामरहीम को पैरोल या फरलो हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर न दी जाए। राम रहीम की तरफ से हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर पैरोल या फरलो पर रोक हटाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि प्रदेश सरकार रामरहीम की पैरोल या फरलो देने का फैसला खुद ले। इसके बाद रामरहीम ने 21 दिन की फरलो की अर्जी दाखिल की थी। सरकार ने अर्जी स्वीकार कर ली और सोमवार को फरलो मंजूर कर ली।
प्रशासन ने जेल परिवार के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। ऐसे में मंगलवार सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर हनीप्रीत अपनी टीम के साथ रामरहीम को लेने जेल परिसर पहुंची, जहां आवश्यक कार्रवाई के बाद 6 बजकर 46 मिनट पर रामरहीम को लेकर काफिला यूपी के बागपत स्थित बरनावा आश्रम के लिए रवाना हो गया। रामरहीम अब 13वीं बार जेल से बाहर आया है। आठवीं बार फरलो मिली है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading