अजमेर। पोक्सो कोर्ट (संख्या-1) के न्यायाधीश ने बिजयनगर ब्लैकमेल प्रकरण में आरोपी पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उन पर नाबालिग लड़की पर दबाव बनाकर एक विशेष धर्म की रीति-रिवाजों जैसे कलमा पढ़ने, रोजा रखने और विशेष प्रकार की पोशाक पहनने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने जानकारी दी कि अदालत ने यह आदेश आरोपी द्वारा पीड़िता को डराने-धमकाने, मुख्य आरोपी के साथ भेजने की साजिश रचने, तथा हिंदू धर्म से मुस्लिम धर्म की ओर झुकाव के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए दिया है।
गौरतलब है कि 15 फरवरी को एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें कहा गया कि कुछ लोगों ने मिलकर एक गिरोह बनाकर नाबालिग छात्राओं को मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए बाध्य किया, उनकी सहेलियों से जबरन दोस्ती करवाई, और कैफे में मिलने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी और अन्य लोगों को अजमेर की अदालत में पेश किया था।
बिजयनगर ब्लैकमेल कांड मामले में आरोपी पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज






