राजस्थान: ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ में निजी स्कूलों की छात्राओं को भी मिलेंगे ₹ 1.50

राजस्थान सरकार ने बालिका सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ को अब निजी विद्यालयों तक विस्तारित कर दिया है। पहले यह योजना केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं तक सीमित थी, लेकिन अब मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं भी इसका लाभ ले सकेंगी। योजना के तहत वे छात्राएं, जिनका जन्म सरकारी या सरकार से अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों में हुआ है, उन्हें 21 वर्ष की आयु तक कुल 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सात चरणों में प्रदान की जाएगी। यह योजना बीते वर्ष बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

योजना की प्रक्रिया समझाने के लिए कार्यशालाएं
नवंबर से महिला अधिकारिता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा स्कूल शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से कार्यशालाएं आयोजित करेंगे, जिनमें आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड, आवेदन लॉक करने तथा भुगतान प्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक द्वारा आदेश जारी किए जा चुके हैं।

योजना के लिए पात्रता

  • बालिका का जन्म सरकारी या अधिकृत चिकित्सा केंद्र में हुआ हो।
  • बालिका राजस्थान की मूल निवासी हो।
  • छात्रा सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में नियमित अध्ययनरत हो।
  • सभी अनिवार्य टीकाकरण समय पर पूर्ण किए गए हों।

शिक्षा को मिलेगी और मजबूती
निजी विद्यालयों की छात्राओं को योजना में शामिल करने के पीछे उद्देश्य यह है कि समाज के हर वर्ग की बालिकाओं तक शिक्षा और आर्थिक सहायता का लाभ समान रूप से पहुंचे। इससे वे परिवार भी लाभान्वित होंगे जो अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं।

किस्तों का विवरण

  • जन्म के समय – ₹2500
  • 1 वर्ष की आयु व टीकाकरण पूर्ण होने पर – ₹2500
  • कक्षा 1 में प्रवेश पर – ₹4000
  • कक्षा 6 में प्रवेश पर – ₹5000
  • कक्षा 10 में प्रवेश पर – ₹11,000
  • कक्षा 12 में प्रवेश पर – ₹25,000
  • स्नातक पूर्ण कर 21 वर्ष की आयु पर – ₹1,00,000

योजना में अब राजश्री योजना को भी सम्मिलित कर दिया गया है, जिससे परिवारों को अलग-अलग औपचारिकताएं पूरी करने की परेशानी से राहत मिलेगी।

राज्य सरकार का सराहनीय कदम
निजी विद्यालयों की छात्राओं को शामिल करने से बालिकाओं की शिक्षा को नया बल मिलेगा और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। यह निर्णय शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की छात्राओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा।

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