आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य रामूराम राईका ने अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा से सात दिन पहले ही पेपर दे दिया था। राईका ने यह पेपर आरपीएससी के दूसरे सदस्य बाबूलाल कटारा से प्राप्त किया था। एसओजी एडीजी विजय कुमार सिंह ने दावा किया है कि राईका के बेटे और बेटी के बारे में दो महीने पहले ही सबूत मिल चुके थे। कटारा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के आरोप में अप्रैल 2023 से जेल में है।
एसओजी ने कटारा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एंटी चीटिंग सेल के प्रभारी रामसिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों तत्कालीन सदस्यों से आमने-सामने पूछताछ कर रही है। एसओजी आज कटारा को रिमांड पर लेने के लिए पेश करेगी। एसओजी यह भी जांच कर रही है कि बाबूलाल कटारा के पास पेपर कैसे पहुंचा और उसके पास पेपर से संबंधित क्या जिम्मेदारी थी। एडीजी विजय कुमार सिंह ने यह भी कहा कि राईका के बेटे और बेटी के बारे में सबूत मिलने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद ही उनके पिता रामूराम राईका को गिरफ्तार किया गया। राईका के कार्यकाल के दौरान दीपक उप्रेती, डॉ. भूपेंद्र यादव, डॉ. शिवसिंह राठौड़, डॉ. जसवंत राठी और संजय श्रोत्रिय आयोग के अध्यक्ष रहे। राईका बुलाए जाने पर गोपनीय चर्चा और फुल कमीशन की बैठकों में भी शामिल होता था।
आरपीएससी: SI भर्ती परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था पेपर






