मंत्रियों और विधायकों के दबाव के चलते राज्य सरकार तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अब सरकार को यह तय करना है कि सभी विभागों से प्रतिबंध हटाया जाए या कुछ विभागों में ही। सरकार यह भी विकल्प चुन सकती है कि शिक्षा सहित कुछ विभागों में ही प्रतिबंध हटाया जाए। भाजपा सरकार बनने के बाद फरवरी में दस दिन के लिए तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया गया था, लेकिन उस समय शिक्षा विभाग में तबादले नहीं किए गए थे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परीक्षाओं का हवाला देते हुए तबादले रोकने का निर्णय लिया था। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग में पिछले महीने से ही तबादलों की तैयारी चल रही है, जो अब अंतिम चरण में है। अगली कैबिनेट बैठक, जो 18 सितंबर को हो सकती है, में तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, बैठक के बिना भी सरकार इस पर फैसला कर सकती है।
सरकार बदलने के बावजूद शिक्षकों को आज भी इंतजार राज्य सरकार पर तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने के लिए विधायकों, मंत्रियों, भाजपा संगठन और संबंधित लोगों का दबाव बढ़ रहा है। उनका तर्क है कि कांग्रेस सरकार ने उनके लोगों का दूर-दूर तबादला कर दिया था। सरकार बदली, दस महीने भी बीत गए, लेकिन वे अब भी दूरस्थ स्थानों पर तैनात हैं। हाल ही की दो कैबिनेट बैठकों में मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने का मुद्दा उठाया था।
राजस्थान में मंत्रियों और विधायकों के दबाव के चलते हट सकता है तबादलों से बैन






