यूपी: आरओ एआरओ पेपर लीक केस में पूर्व प्रिंसिपल गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा का पेपर लीक कराने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी एसटीएफ द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस महिला को प्रयागराज एसटीएफ की टीम ने पकड़ा है। 11 फरवरी को प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आरओ एआरओ परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका पेपर लीक हो गया था। इस कारण यूपी सरकार की काफी आलोचना हुई थी। 20 अप्रैल 2024 को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज के कर्मचारी, म्योराबाद निवासी अर्पित विनीत यशवंत, डॉ. शरद सिंह पटेल, अभिषेक शुक्ला और कमलेश कुमार पाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद यूपी लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक की वजह से आरओ एआरओ परीक्षा को रद्द कर दिया था और यूपी सरकार ने मामले की जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी थी। प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। एसटीएफ अब तक गिरोह के सरगना सहित दस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
11 फरवरी को जब आरओ एआरओ की परीक्षा हो रही थी, उस समय प्रयागराज के कर्नल गंज थाना क्षेत्र स्थित बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल पारुल सोलोमन थीं। इसी स्कूल में परीक्षा संबंधी कार्य देखने वाले अर्पित विनीत का नाम पेपर लीक से जुड़ा हुआ था। उस पर आरोप था कि उसने पेपर को गिरोह से जुड़े लोगों तक पहुँचाया था। अर्पित की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने पारुल सोलोमन से पूछताछ की थी, लेकिन शुरुआती जांच में उनकी संलिप्तता साबित नहीं हो पाई थी। बाद की जांच में पता चला कि पेपर लीक पारुल सोलोमन की मिलीभगत से ही हुआ था। इसके बाद एसटीएफ ने गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पारुल सोलोमन को दो महीने पहले ही बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल के पद से हटा दिया गया था, लेकिन उन्होंने चार्ज नहीं सौंपा था। तब बिशप मॉरिस एडगर दान और अन्य लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कुर्सी से हटाया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। इसके बाद पारुल सोलोमन ने बिशप और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई थी।

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