किरोड़ी लाल मीणा का इस्तीफा न तो अभी तक स्वीकारा गया है और न ही अस्वीकार किया गया है। उनके दिल्ली दौरों के बावजूद इस मुद्दे पर सस्पेंस बना हुआ था। विपक्ष ने उनके इस्तीफे को लेकर सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले किए। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद डॉ. मीणा कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। वह अक्सर कहते थे कि वह जनता के बीच मंत्री की नहीं, बल्कि विधायक की हैसियत से आ रहे हैं। अब वह फिर से चर्चा में आ गए हैं। रविवार को किरोड़ी लाल मीणा भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक में शामिल हुए।
किरोड़ी लाल मंत्री वाली गाड़ी में गए कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद उनके इस्तीफे पर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया। डॉ. मीणा बैठक में निजी गाड़ी से आए थे, लेकिन बाद में वह मंत्री की गाड़ी से वापस गए। लोकसभा चुनाव के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकारी गाड़ी लौटा दी थी और दफ्तर जाना बंद कर दिया था। इसके बाद, 4 जुलाई को उन्होंने राजस्थान सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, लेकिन अब कैबिनेट बैठक में शामिल होकर किरोड़ी लाल मीणा ने इन चर्चाओं को खत्म कर दिया है। दो दिन पहले ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि किरोड़ी लाल मीणा हमारे साथ हैं और सरकार का काम कर रहे हैं। उनका विभाग खाली नहीं है, और किरोड़ी लाल रोज़ाना काम कर रहे हैं।
भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक में शामिल हुए किरोड़ी लाल मीणा, सरकारी गाड़ी से वापस भी गए





