सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में सुधार के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इन बदलावों में मौजूदा न्यूनतम पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाने, रिटायरमेंट के समय आंशिक निकासी की अनुमति देने, और 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक आय वाले लोगों के लिए इस योजना को अधिक आकर्षक बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार ने इस संबंध में सितंबर में आदेश जारी किए थे।
रिटायरमेंट के बाद आंशिक निकासी को सरल बनाने के लिए श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने अपने मंत्रालय और ईपीएफओ के अधिकारियों से मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के ग्राहकों के लिए प्रणाली को अधिक अनुकूल बनाने के उपायों पर विचार करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि श्रम मंत्री ने रिटायरमेंट के समय निकासी प्रक्रिया को आसान बनाने का सुझाव दिया है, ताकि पेंशनधारकों की वित्तीय योजना बेहतर हो सके और वे अपनी वार्षिक पेंशन राशि में बदलाव कर सकें।
रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ पोर्टल के जरिए विवाह, चिकित्सा उपचार और बच्चों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निकासी को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ईपीएफओ प्रणाली को मजबूत बनाने की आवश्यकता होगी, और जरूरत पड़ने पर सरकार बड़े पैमाने पर बदलाव करेगी।
ईपीएफओ को और आकर्षक बनाने के प्रयासों के तहत भुगतान एनपीएस के समान हो सकता है। अधिक पेंशन के लिए कर्मचारी पेंशन योजना में व्यापक बदलाव की आवश्यकता होगी, क्योंकि वर्तमान में पेंशन भुगतान काफी कम है। मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है कि यह योजना उन लोगों के लिए भी आकर्षक हो, जिनकी आय 15,000 रुपये से अधिक है और जो ईपीएफओ के सदस्य हैं।
हाल ही में, ईपीएफओ में नियमों में बदलाव भी किया गया है। सरकार ईपीएफओ को अधिक आकर्षक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस साल घोषणा की थी कि अब पीएफ अकाउंट होल्डर 50,000 रुपये की बजाय 1 लाख रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर ईपीएफओ अकाउंट होल्डर के परिवार में कोई आपात स्थिति आती है, तो वे अब अधिक राशि निकाल सकते हैं।
सरकार न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की कर रही है तैयारी






