पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। आतंकवादियों ने कोयला खदान पर हमला कर वहां के निवासियों पर गोलियां चला दीं। इस हमले में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मरने वाले सभी लोग खदान में काम करने वाले मजदूर थे। पाकिस्तान सरकार के लिए यह घटना बेहद चिंताजनक है क्योंकि 15 अक्टूबर को एससीओ समिट आयोजित होने वाली है, जिसमें दुनिया भर के लोग हिस्सा लेने आ रहे हैं।
पुलिस अधिकारी हमायूं खान नासिर के अनुसार, बंदूकधारियों ने गुरुवार देर रात डुकी जिले की कोयला खदान के घरों पर हमला किया। उन्होंने घरों को घेरकर गोलियां चलाईं। मारे गए लोगों में अधिकांश बलूचिस्तान के पश्तून-भाषी इलाकों से थे, जिनमें 3 अफ़गान नागरिक भी शामिल थे। घायलों में 4 अफ़गान हैं। हालांकि, अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पुलिस अधिकारियों को शक है कि यह हमला बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का हो सकता है, जो अक्सर नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाता है।
बीएलए ने पिछले 3 महीनों से पाकिस्तान में आतंक फैला रखा है। अकेले अगस्त में इस संगठन ने 50 से अधिक नागरिकों की हत्या की, जबकि सुरक्षा बलों ने 21 आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए लोगों में 23 यात्री थे, जिनमें अधिकांश पूर्वी पंजाब प्रांत के थे। आतंकियों ने बलूचिस्तान में बसों, वाहनों और ट्रकों से यात्रियों को उतारकर गोली मार दी थी। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और कहा, “आतंकवादियों ने एक बार फिर गरीब मजदूरों को निशाना बनाया है। हमलावर बहुत क्रूर थे और उनका मकसद पाकिस्तान को अस्थिर करना था। निर्दोष मजदूरों की हत्या का बदला लिया जाएगा।”
बलूचिस्तान में कई अलगाववादी समूह सक्रिय हैं, जो स्वतंत्रता की मांग करते हैं और पाकिस्तान सरकार पर तेल और खनिज-समृद्ध बलूचिस्तान के संसाधनों का अनुचित शोषण करने का आरोप लगाते हैं। हाल ही में बीएलए ने कराची एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 2 चीनी नागरिकों सहित 3 विदेशियों की मौत हुई थी। इस हमले पर चीन ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी।
इस घटना ने पाकिस्तान की सेना की उच्च स्तरीय कार्यक्रमों और विदेशियों की सुरक्षा करने की क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 अक्टूबर को इस्लामाबाद में एससीओ समिट होने वाली है, जिसमें चीन, रूस और भारत जैसे देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, और उनकी सुरक्षा पर अब गंभीर चिंताएं उठ रही हैं।
एससीओ समिट के 5 दिन पहले पाकिस्तान में आतंकी हमले, 20 लोगों की मौत




