चीन के त्येनजिन में हुए एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर सुर्खियाँ बटोरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तीन महाशक्तियों का यह मिलन अमेरिका के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है, खासकर तब जब हाल ही में अमेरिका ने भारी टैरिफ लगाए हैं और इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
इस मुलाकात के बीच प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की दोस्ती भी खूब चर्चा में रही। सूत्रों के अनुसार, पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी का करीब दस मिनट इंतजार किया ताकि वे दोनों एक ही कार से बैठक स्थल तक जा सकें। तस्वीरों और वीडियो में दोनों नेताओं के बीच की सहजता साफ दिखाई दे रही है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत और रूस के रिश्ते अब और मजबूत दिशा में आगे बढ़ेंगे। द्विपक्षीय बैठक के लिए पीएम मोदी और पुतिन ने एक ही गाड़ी में सफर किया, जिसकी तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर साझा की। यह तस्वीर दुनिया को यह संदेश देती है कि दोनों देश आपसी सहयोग को और गहराई देने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
शिखर सम्मेलन से पहले मोदी और पुतिन ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और गले भी मिले। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा तस्वीर के साथ लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा सुखद अनुभव रहता है।” यह तस्वीर और दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज इस बात की गवाह बनी कि भारत और रूस की नजदीकियाँ लगातार बढ़ रही हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि आने वाले समय में दोनों देश मिलकर कौन से बड़े फैसले लेते हैं।
जिनपिंग, मोदी और पुतिन के बीच हुई मुलाकात दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी






