सुप्रीम कोर्ट से डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बेअदबी मामले में उनके खिलाफ मुकदमे की ट्रायल पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटा दी है। इसी साल मार्च में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाई थी, जिसे लेकर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की रोक हटाकर डेरा प्रमुख के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में मुकदमा चलाने की अनुमति दी। साथ ही, राम रहीम को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा गया है। गुरमीत राम रहीम हत्या और यौन शोषण के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।
1 जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी की घटना में एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा के सात अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। बाद में, बेअदबी की साजिश के आरोप में गुरमीत राम रहीम, हर्ष धुरी, प्रदीप कलेर और संदीप बरेटा को भी नामजद किया गया था। बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े तीन केस हैं, और तीनों मामलों में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। पहला मामला गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी (एफआईआर नंबर 63), दूसरा उसी गुरुद्वारे के बाहर भद्दी भाषा वाले पोस्टर लगाने (एफआईआर नंबर 117), और तीसरा गुरुद्वारा साहिब के सामने पावन स्वरूप की बेअदबी (एफआईआर नंबर 128) का है। ये तीनों केस थाना बाजाखाना में दर्ज हैं और तीनों में गुरमीत राम रहीम के खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई है।
राम रहीम की बेअदबी मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लगी रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई






