वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के आम बजट में सैलरी से कटने वाले टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) के खिलाफ अन्य स्रोतों से टीडीएस और टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) को समायोजित करने की घोषणा की थी। इस संदर्भ में, सेंट्रल डायरेक्ट टैक्स बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक नया फॉर्म जारी किया है, जिसे 12 BAA Form कहा जाता है। यह फॉर्म कर्मचारियों को अपने नियोक्ता को अपनी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से किए गए टैक्स कटौतियों की जानकारी देने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली आय, इंश्योरेंस कमीशन, इक्विटी शेयरों से मिलने वाले डिविडेंड या कार या विदेशी मुद्रा खरीदने पर कटे टैक्स की जानकारी शामिल है।
कंपनियां आमतौर पर कर्मचारियों के डिक्लेरेशन के आधार पर सैलरी से टीडीएस काटती हैं, जिसमें टैक्स कटौती के लिए निवेश और खर्च को ध्यान में रखा जाता है। हालांकि, नियोक्ता कर्मचारी की ओर से अन्य स्रोतों से दिए गए टैक्स को समायोजित नहीं करते थे। अब सीबीडीटी द्वारा जारी 12 BAA Form के माध्यम से यह प्रक्रिया बदल जाएगी। इस नए फॉर्म के जरिए टीसीएस जमा और अन्य स्रोतों से कटे टीडीएस की जानकारी देकर कर्मचारी अपनी सैलरी से टैक्स कटौती कम कर सकते हैं। इस कदम से कर्मचारियों को कैश फ्लो की समस्याओं से निपटने और अपनी आय को खर्च करने या बचाने में मदद मिलेगी। अन्य स्रोतों से कटे टीडीएस और टीसीएस के बारे में फर्म को सूचित करने का नया कानून इस साल 1 अक्टूबर से लागू हो गया है। कर्मचारी अब अपने नियोक्ता को अन्य आय स्रोतों से कटे टीडीएस या किसी बड़े खर्च के समय कटे टीसीएस के बारे में सूचित कर सकते हैं। पहले नियोक्ताओं को यह सूचना देने का कोई विशेष तंत्र नहीं था, लेकिन अब विभाग द्वारा जारी नया फॉर्म कर्मचारियों को यह जानकारी अपने नियोक्ता को देने में मदद करेगा।
अब सैलरी से नहीं कटेगा टीडीएस, भरना पड़ेगा Form 12BAA





