भारत में हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं, और इस बार भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। शादियों का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन इसी दौरान शादी के कार्ड से ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को शादी के डिजिटल कार्ड के माध्यम से ठगने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोग हैरान और परेशान हैं।
क्या है मामला?
हाल ही में साइबर क्राइम यूनिट को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों को शादी के निमंत्रण के रूप में कार्ड भेजे जा रहे हैं। जब लोग उत्सुकता में इन कार्ड्स पर क्लिक करते हैं, तो उनके फोन में मैलवेयर वायरस इंस्टॉल हो जाता है। यह वायरस फोन को हैक कर लेता है और बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों में इस तरह की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
इस फ्रॉड में क्या होता है?
- साइबर ठग व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को शादी के डिजिटल कार्ड भेजते हैं।
- शादी का सीजन होने के कारण लोग इसे वास्तविक निमंत्रण मानकर लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
- जैसे ही कार्ड पर क्लिक किया जाता है, एक मैलवेयर वायरस फोन में आ जाता है, जो एक एपीके ऐप इंस्टॉल कर देता है।
- इसके बाद हैकर्स इस वायरस के जरिए मोबाइल को हैक कर लेते हैं और बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं।
इस फ्रॉड से कैसे बचें? - अनजान नंबर से आए किसी भी मैसेज, लिंक, या फाइल पर क्लिक न करें।
- किसी अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट से आए शादी के कार्ड या अन्य संदिग्ध संदेशों को न खोलें।
- अगर आपको इस तरह की ठगी का सामना करना पड़े तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in/) पर शिकायत दर्ज कराएं।
- आप फ्रॉड की रिपोर्ट करने के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1930 का भी उपयोग कर सकते हैं।
सावधान रहें और जागरूकता के साथ इस तरह के साइबर अपराधों से बचें। आपकी छोटी सी सतर्कता आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है।




