दून-मसूरी रोपवे परियोजना की प्रगति तेजी से हो रही है। अगले दो वर्षों में पर्यटक रोपवे के माध्यम से मसूरी की यात्रा कर सकेंगे। वर्तमान में, पर्यटन सीजन के दौरान देहरादून से मसूरी तक पहुंचने में 1.5 से 3 घंटे का समय लगता है, लेकिन रोपवे के माध्यम से यह सफर केवल 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। देहरादून से मसूरी की सड़क मार्ग की दूरी 33 किमी है, जबकि रोपवे के माध्यम से यह मात्र 5.5 किमी होगी। रोपवे में ऑटोमैटिक ट्रालियां लगाई जाएंगी, जिनके दरवाजे स्वचालित होंगे। एक घंटे में एक ओर से लगभग 1300 यात्री यात्रा कर सकेंगे।
- दून-मसूरी रोपवे परियोजना का काम तेज़ी से चल रहा है।
- पुरकुल में लोअर टर्मिनल और पार्किंग का आधार तैयार।
- मसूरी में अपर टर्मिनल के लिए एप्रोच रोड का निर्माण जारी।
पुरकुल गांव में लोअर टर्मिनल और पार्किंग का फाउंडेशन लगभग पूरा हो चुका है। तीसरे तल पर पार्किंग का निर्माण कार्य चल रहा है। मसूरी के गांधी चौक पर अपर टर्मिनल के लिए एप्रोच रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके बाद अपर टर्मिनल के फाउंडेशन का काम शुरू होगा।
• उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने इस साल पीपीपी मोड के तहत मसूरी स्काईवार कंपनी के साथ मिलकर 300 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का शुभारंभ किया।
• रोपवे का एक छोर पुरकुल गांव में और दूसरा मसूरी के गांधी चौक पर बनाया जा रहा है।
• पुरकुल में पर्यटकों के लिए 10 मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बन रही है, जिसकी क्षमता 2000 से अधिक वाहनों की होगी।
• यहां कैफेटेरिया, शौचालय, और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
• पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।
देखने को मिलेंगे खूबसूरत नज़ारे और जाम से मिलेगी राहत
रोपवे से यात्रा पर्यटकों के लिए रोमांचक और सुंदर दृश्यों से भरपूर होगी। पहाड़ों के बीच से गुजरते हुए पर्यटक सीधे मसूरी की माल रोड पर पहुंचेंगे। इससे देहरादून और मसूरी में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। पर्यटन सीजन में रोजाना 10,000 से अधिक पर्यटक मसूरी पहुंचते हैं, जिससे यातायात और पार्किंग की समस्या होती है। रोपवे से इन समस्याओं का समाधान होगा।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार में होगी वृद्धि
रोपवे परियोजना से पर्यटन विभाग के राजस्व में वृद्धि होगी। पुरकुल गांव में पर्यटकों और वाहनों की आवाजाही से स्थानीय रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यह रोपवे प्रदूषण मुक्त और हर मौसम में संचालित होगा। बारिश या बर्फबारी के कारण सड़क मार्ग बंद होने पर भी पर्यटक रोपवे से सुरक्षित और समय पर मसूरी पहुंच सकेंगे।
दून-मसूरी रोप-वे में उपयोग होने सारी जमीन अधिग्रहण कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। प्रयास है निर्धारित समय में गुणवत्तापरक काम पूरा हो। इसके लिए लगातार निर्माण कार्य की निगरानी की जा रही है और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी गई है। – सचिन कुर्वे, सचिव, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड






