सर्दियों में बढ़ जाते हैं हार्ट अटैक के मामले, हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से जमने लगते हैं खून के थक्के

सर्दियां दिल के मरीजों के लिए काफी मुसीबत बन जाती है. जिसके कारण कई बार अचानक दिल का दौरा पड़ने से चलता फिरता व्यक्ति दुनिया को अलविदा कह देता है.

जनवरी में सर्दियां अपने चरम पर होती हैं। इस ठंडे मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर दिल के मरीजों के लिए यह मौसम गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। कई बार अचानक दिल का दौरा पड़ने से व्यक्ति चलते-फिरते ही अपनी जान गंवा बैठता है। आंकड़ों के अनुसार, सर्दियों में दिल के दौरे से मौत के मामले अधिक होते हैं। डॉक्टर हमेशा दिल के मरीजों को सर्दियों में खास सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, क्योंकि दिल हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है। यह दिन-रात, हर समय बिना रुके काम करता है। सर्दियों में दिल को काम करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए इसका खास ख्याल रखना जरूरी है।
सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ते हैं?
सर्दियों में कम तापमान के कारण रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ता है। संकरी नसों और धमनियों में रक्त प्रवाह के लिए अधिक दबाव की आवश्यकता होती है। इससे दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और खून में थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। इसलिए डॉक्टर ठंड से बचने और सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
सर्दियों में हार्ट अटैक से बचाव के उपाय

  1. शरीर को गर्म रखें
    डॉक्टर सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए संतुलित आहार, गर्म पेय और गर्म कपड़े पहनने की सलाह देते हैं। सुबह जल्दी उठने और देर रात बाहर जाने से बचें, क्योंकि इस समय तापमान बहुत कम होता है।
  2. स्वस्थ आहार लें
    दिल के मरीजों को सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों, मछली, नट्स आदि को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
  3. शारीरिक सक्रियता बनाए रखें
    सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करना फायदेमंद है। ठंड के कारण बाहर जाने में दिक्कत हो तो घर पर ही ब्रिस्क वॉकिंग, एरोबिक्स, योग, डांस और मेडिटेशन करें।
  4. शरीर के बदलावों पर ध्यान दें
    सर्दियों में छाती में दर्द, सांस फूलना, थकान या हल्के सिरदर्द जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज आपको बड़े खतरे से बचा सकता है।

विशिखा मीडिया

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