बाहरी नागरिक अनुमति लेकर ही प्रवेश कर सकता है इस क्षेत्र में
राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से इस जगह पर कार्यक्रम का आयोजन उचित नहीं
कार्यक्रम स्थल रोहिड़ी गांव भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर
विधायक भाटी ने कहा कि प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम की तैयारियां शुरू की गई थीं, लेकिन विरोधियों के षड्यंत्र के चलते इसे रद्द करवा दिया गया।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में जिला कलेक्टर टीना डाबी ने भारत-पाक सीमा के पास 12 जनवरी को होने वाले ‘रोहिड़ी फेस्ट’ सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी है। शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी इस कार्यक्रम के आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों और बीएसएफ की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया। कार्यक्रम स्थल को संवेदनशील मानते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया।
‘राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि’
टीना डाबी द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि रोहिड़ी गांव, जहां कार्यक्रम आयोजित होना था, भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है। यह इलाका भारत सरकार की अधिसूचना (1961 और 1996) के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है। यहां बाहरी लोगों के प्रवेश के लिए अनुमति अनिवार्य है। कलेक्टर ने बताया कि यह स्थान सीमा से केवल पांच किलोमीटर की दूरी पर है, और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है।
ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई
रोहिड़ी गांव के निवासियों रायसिंह, गिरधरसिंह, रेवंत सिंह सहित अन्य ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यक्रम के कारण संदिग्ध गतिविधियों की आशंका है और बाहरी लोगों की आवाजाही से स्थानीय निवासियों को परेशानी हो सकती है।
विधायक भाटी का राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधियों ने षड्यंत्र रचकर कार्यक्रम को रद्द करवाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम बाड़मेर की संस्कृति और रोहिड़ी के धोरों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा था। लेकिन इसे निरस्त कर जनता के साथ अन्याय किया गया है।
देशभर के कलाकारों को बुलाया गया था
‘रोहिड़ी फेस्ट’ को एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जा रहा था। इसमें देशभर के नामी कलाकारों को आमंत्रित किया गया था। 31 दिसंबर 2024 को गडरारोड एसडीएम हनुमानराम द्वारा कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद तैयारियां जोरों पर थीं।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद रद्द हुआ कार्यक्रम
प्रशासन ने बाड़मेर एसपी, बीएसएफ डीआईजी और एसडीएम गडरारोड की रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम को रद्द कर दिया। इन रिपोर्ट्स में कार्यक्रम स्थल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील बताया गया। कलेक्टर डाबी ने कहा कि प्रशासन को कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सूची और उनकी पृष्ठभूमि के सत्यापन की जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे कार्यक्रम की अनुमति रद्द करना अनिवार्य हो गया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस विवाद ने बाड़मेर में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। भाटी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर ‘#थारघातकभाजपा’ ट्रेंड कराते हुए इस फैसले का विरोध किया। वहीं, कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से यह स्थान बेहद संवेदनशील है। कार्यक्रम में आने वाले लोगों की जानकारी और निगरानी के अभाव में सुरक्षा को खतरा हो सकता था।




