वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस बार रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 6.81 लाख करोड़ रुपए का रक्षा बजट जारी किया गया है। पिछली बार 2024-25 में यह बजट 6.2 लाख करोड़ रुपए था। इस बार भारत ने अपने रक्षा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए 61 हजार करोड़ रुपए की बड़ी वृद्धि की है।
2025-26 के लिए रक्षा क्षेत्र में कुल व्यय का अनुमान 4,91,732 करोड़ रुपए लगाया गया है, जबकि 2024-25 में यह संशोधित अनुमान 4,56,722 करोड़ रुपए था, जिसमें पहले 4,54,773 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया गया था। केंद्रीय बजट 2025 में रक्षा मंत्रालय को सबसे बड़ा आवंटन मिला है, जो कुल 6,81,210.27 करोड़ रुपए है। इसमें से 1,80,000 करोड़ रुपए का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रक्षा सेवाओं पर पूंजीगत खर्च के लिए जारी किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत सरकार के रक्षा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के विज़न को साकार करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। रक्षा बजट 2025 में स्थानीय स्तर पर निर्मित उपकरणों के लिए पूंजीगत व्यय को खरीद बजट के 75 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय बजट ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है, जिसमें ‘मेक इन इंडिया’ पहल की अहम भूमिका रही है। 2024 में रक्षा मंत्रालय ने 1.26 लाख करोड़ रुपए का स्वदेशी रक्षा उत्पादन दर्ज किया था, जो अब तक का सबसे अधिक था, और रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था।
बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपए का बजट का ऐलान




