पाकिस्तान के बोलन में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के 8 सशस्त्र आतंकवादियों ने एक सुरंग में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाइजैक कर 450 यात्रियों को बंधक बना लिया और 20 सैनिकों की हत्या कर दी। ट्रेन पर की गई गोलीबारी में कई यात्री घायल हो गए। इस समूह ने चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ कोई सैन्य अभियान चलाया गया, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। बीएलए ने बोलान जिले के मश्कफ और धादर क्षेत्रों में ट्रेन को रोककर उसके ड्राइवर पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गया, और यात्रियों को कब्जे में ले लिया। संगठन का दावा है कि उन्होंने 100 से अधिक पाकिस्तानी सेना के कर्मियों सहित यात्रियों को बंधक बनाया है।
बीएलए ने एक बयान में कहा कि उनके लड़ाकों ने मशकफ, धादर और बोलन में एक “सुनियोजित ऑपरेशन” को अंजाम दिया। संगठन के अनुसार, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे जाफर एक्सप्रेस को रुकना पड़ा। इसके बाद, लड़ाकों ने ट्रेन पर कब्जा कर सभी यात्रियों को बंधक बना लिया।”
“एक्सप्रेस ट्रिब्यून” के अनुसार, यह हमला बलूचिस्तान के मच्छ टाउन के पास अब-गम क्षेत्र में हुआ, जहां छह सशस्त्र हमलावरों ने ट्रेन पर फायरिंग की। इस घटना से यात्री भयभीत हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है, जो पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका में प्रतिबंधित है। बीएलए ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सैन्य कार्रवाई की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। सभी सैकड़ों बंधकों को मार दिया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी।” संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने दोहराया कि समूह इस ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी लेता है।बलूचिस्तान सरकार ने घटनास्थल पर बचाव दल भेजे हैं। सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बयान में कहा, “क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर पेहरो कुनरी और गदालार के बीच भारी गोलीबारी की खबरें हैं।”
रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ के अनुसार, नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन में लगभग 500 यात्री सवार थे। उन्होंने बताया कि हथियारबंद लोगों ने ट्रेन को टनल नंबर 8 में रोक लिया, और यात्रियों व कर्मचारियों से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं। जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर ने कहा, “पहाड़ों के बीच सुरंग के सामने ट्रेनें फंसी हुई हैं, जबकि एन-65 हाईवे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।” सुरक्षा बलों ने बताया कि सुरंग के पास एक विस्फोट की आवाज सुनी गई और वे आतंकवादियों से मुठभेड़ कर रहे हैं। सरकारी बयान के अनुसार, एंबुलेंस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं, लेकिन पहाड़ी इलाके की कठिनाइयों के कारण बचाव दल को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विभाग ने राहत कार्य के लिए अतिरिक्त ट्रेनें भेजी हैं।
पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अलवी और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की निंदा की है। नकवी ने कहा, “जो निर्दोष यात्रियों पर हमला करते हैं, उन्हें किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिए।” सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें हवाई बमबारी भी शामिल है। बीएलए ने दावा किया कि उन्होंने सैनिकों के हमले को नाकाम कर दिया, जिससे सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा, हालांकि हवाई हमले जारी हैं।
सरकार और सेना अलर्ट पर
बंदियों की सुरक्षित रिहाई के लिए बातचीत जारी है। पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा बल इस संकट को हल करने के लिए प्रयासरत हैं। बलूचिस्तान सरकार ने आपातकालीन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, और सबी के अस्पताल में आपातकाल लागू कर दिया गया है। बलूचिस्तान, जो ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, लंबे समय से हिंसक विद्रोह की चपेट में है। बलूच विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा बलों, सरकारी परियोजनाओं और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा से जुड़ी परियोजनाओं पर हमले करते हैं। इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा और सैन्य रणनीति को गंभीर चुनौती दी है। बलूच लिबरेशन आर्मी की धमकी ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।





