आंवला के सपा सांसद नीरज मौर्य के बयान पर विवाद अभी तक थमा नहीं है। आईएमए बरेली ने कहा कि सांसद ने संसद में बरेली के चिकित्सा क्षेत्र को बदनाम करने की कोशिश की है। उन्होंने मांग की है कि उनके बयान को संसद की कार्यवाही से हटाया जाए।
आंवला के सपा सांसद नीरज मौर्य ने संसद में बरेली के निजी अस्पतालों को “लूट का अड्डा” कहा, जिसके बाद आईएमए ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को आईएमए भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टरों ने संसद की कार्यवाही से सपा सांसद का बयान हटाने की मांग की।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने कहा कि अब तक बरेली के किसी भी सांसद या विधायक ने ऐसी टिप्पणी नहीं की है। आंवला के सांसद ने संसद में बरेली के चिकित्सा क्षेत्र की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है। उनके इस बयान से निजी चिकित्सकों और चिकित्सा सेवाओं की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। अगर कोई निजी अस्पताल या डॉक्टर अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त है, तो सांसद को उसके खिलाफ ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। इसलिए संसद की कार्यवाही से “लूट” शब्द और बरेली का नाम हटाया जाना चाहिए।
डॉक्टरों ने कहा कि बरेली उत्तर भारत का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है और इस तरह की आधारहीन व अपमानजनक टिप्पणियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. रविश अग्रवाल, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. शिवम कामथान, डॉ. रतनपाल सिंह और अन्य आईएमए पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सपा सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि जो बात उन्होंने संसद में रखी है, उस पर जनता की राय ले ली जाए। अगर जनता इसे गलत ठहराएगी, तो वह डॉक्टरों से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बरेली में एम्स की जरूरत है ताकि मरीजों को सस्ता और बेहतर इलाज मिल सके, और इसी मांग को उन्होंने संसद में रखा था।
सपा प्रवक्ता मयंक शुक्ला ने कहा कि आईएमए एक प्रतिष्ठित संस्था है, लेकिन कुछ डॉक्टर इस पेशे की छवि खराब कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करना स्वयं आईएमए की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आईएमए एक शिकायत प्रकोष्ठ बनाए, जो बरेली के अस्पतालों में मरीजों के उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करे।






