उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में तीन युवकों की मौत

उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद पर दोबारा सर्वे को लेकर हुआ विवाद रविवार को हिंसक रूप ले लिया। सर्वे के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव और आगजनी की। इसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना में 20 से अधिक पुलिसकर्मी और दो दर्जन लोग घायल हो गए। मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। स्थिति को देखते हुए संभल में अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने आदेश जारी कर तहसील क्षेत्र में इंटरनेट बंद करने और आठवीं तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है।
हिंसा के दौरान 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है और उनका इलाज चल रहा है। इस हिंसा में तीन युवकों की मौत हो गई है। भीड़ ने चंदौसी के सीओ की गाड़ी समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, लेकिन हालात बेकाबू बने रहे। भगदड़ के बीच सीओ अनुज चौधरी और एसपी के पीआरओ को भी गोली लगी। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत पुलिस फायरिंग से हुई, हालांकि कमिश्नर का कहना है कि पुलिस फायरिंग से कोई मौत नहीं हुई।
कमिश्नर ने पुष्टि की है कि मरने वाले तीन युवक सरायतरीन के नोमान, हयातनगर के बिलाल और कोट गर्वी के नईम हैं। उनका कहना है कि हिंसा पहले से योजनाबद्ध थी, और उपद्रवियों ने 12-14 साल के बच्चों और महिलाओं को आगे कर पुलिस पर हमला किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल कई आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। उपद्रवियों ने हिंसा के दौरान तीन कारों और आठ बाइकों को आग के हवाले कर दिया। नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया है कि संभल की हिंसा के पीछे उन्हीं का हाथ है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में हार के बाद सपा नेता बौखला गए हैं और हिंसा भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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