
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों के लिए ऑनलाइन मैप फिलहाल पूरी तरह भरोसेमंद साबित नहीं हो रहा है। मैप पर एक्सप्रेसवे की लोकेशन ‘344-जी’ के नाम से तो दिखाई दे रही है, लेकिन इंटरचेंज, पेट्रोल पंप और रेस्ट एरिया जैसी जरूरी सुविधाओं की सटीक जानकारी अब तक अपडेट नहीं हुई है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। भले ही सड़क पर वाहन तेज रफ्तार से दौड़ रहे हों, लेकिन अधूरी मैप जानकारी के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को ऑनलाइन मैप के जरिए जड़ौदा पांडा से गागलहेड़ी तक करीब 40 किलोमीटर के सफर के दौरान यह सामने आया कि ख्यावड़ी, बड़गांव इंटरचेंज और बडूली रेस्ट एरिया जैसी लोकेशन मैप पर उपलब्ध नहीं हैं। केवल लाखनौर इंटरचेंज और उससे पहले के टोल बूथ पर 105 रुपये टोल शुल्क ही दर्शाया जा रहा है।
रेस्ट एरिया की जानकारी न होने से कई वाहन चालक पुराने रास्तों पर चाय-नाश्ते के लिए भटकते नजर आए। देहरादून से लौट रहे यात्रियों का कहना है कि उन्हें साइन बोर्ड और स्थानीय लोगों के मार्गदर्शन के सहारे ही यात्रा पूरी करनी पड़ी। वहीं, दिल्ली से लौट रहे यात्रियों ने बताया कि उन्होंने बड़गांव इंटरचेंज की लोकेशन मैप पर खोजी, लेकिन एक्सप्रेसवे रूट पर इसकी जानकारी नहीं मिली, जिससे उन्हें केवल संकेतक बोर्ड के आधार पर आगे बढ़ना पड़ा। इसके अलावा भी कई स्थान अभी मैप पर दर्ज नहीं हैं। एनएचएआई के अनुसार, किसी नए मार्ग को ऑनलाइन मैप में जोड़ने के लिए सैटेलाइट डेटा, ग्राउंड सर्वे, एंट्री-एग्जिट की पुष्टि और तकनीकी परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। चूंकि एक्सप्रेसवे को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है, इसलिए पूरी कनेक्टिविटी फाइनल होने के बाद ही मैप पूरी तरह अपडेट हो पाएगा। इधर, एक्सप्रेसवे पर स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय हो गया है, जो वाहनों की रफ्तार पर नजर रख रहा है। निर्धारित सीमा से अधिक गति होने पर स्पीडोमीटर लाल रंग में और सामान्य गति होने पर हरे रंग में संकेत दे रहा है। बड़गांव इंटरचेंज पर टोल प्लाजा शुरू करने की तैयारियां भी तेज़ी से चल रही हैं। एनएचएआई की गतिविधियों को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि अगले सप्ताह से यहां टोल वसूली शुरू हो सकती है।
दूसरी ओर, एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर यातायात में भारी कमी आई है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद अधिकांश वाहन नए मार्ग पर शिफ्ट हो गए हैं। इसके चलते नेशनल हाईवे पर टोल वसूली घटकर लगभग एक-तिहाई रह गई है और टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के पास काम भी कम हो गया है। जिवाना टोल प्लाजा पर पहले जहां रोजाना 12 हजार से अधिक वाहन गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब चार हजार रह गई है। टोल प्लाजा प्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चालू होने से लगभग 70 फीसदी यातायात कम हो गया है, जिससे राजस्व पर भी असर पड़ा है।



