उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने संभल लोकसभा सांसद जिआउर्रहमान बर्क, सदर विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल और अन्य पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इन सभी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हालिया उपचुनावों में हुई धांधली और लूट को छिपाने के लिए यह घटना कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि सांसद जिआउर्रहमान घटना के समय संभल में मौजूद नहीं थे, फिर भी उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने अभी इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
रविवार को हुई हिंसा के बाद संभल जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने घटना स्थलों पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। रातभर पुलिस ने गश्त की और सोमवार सुबह डीआईजी मुनिराज ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। हिंसा के दौरान चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य की मौत की सूचना है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण यह मामला स्पष्ट नहीं हो सका है। इस तनाव की वजह 19 नवंबर को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट के आदेश के बाद हरिहर मंदिर होने के दावे पर मस्जिद का सर्वे कराना बताया जा रहा है। सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई, जिसके दूसरे चरण के दौरान हिंसा भड़क उठी।
संभल हिंसा मामले में सपा सांसद के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज़, अखिलेश यादव ने कहा, सांसद घटना के समय संभल में मौजूद नहीं थे






