म्यांमार में आए लगातार भूकंप के दो तेज झटकों ने आसपास के कई देशों में दहशत फैला दी। पहला भूकंप सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7.2 मापी गई। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7 मापी गई। इन दो झटकों के बाद एक-एक घंटे के अंतराल पर दो और भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत, चीन और बांग्लादेश तक इन झटकों का असर देखा गया।
शुक्रवार को दक्षिण-पूर्व एशिया में आए इन तेज भूकंपों से भारी तबाही हुई। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें हिल गईं और एक निर्माणाधीन ऊँची इमारत देखते ही देखते ढह गई। बैंकॉक में ऊँची छतों वाले पूलों से पानी बहकर सड़कों पर आ गया और कई इमारतों से मलबा गिरने लगा। शहर और पड़ोसी म्यांमार में लोग डर के मारे सड़कों पर उतर आए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर के भूकंप का केंद्र म्यांमार में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में था।
इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत
भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। एक बचावकर्मी सोंगवुत वांगपोन ने बताया कि मलबे के ऊँचे ढेर के पास सात अन्य लोग जीवित मिले हैं। थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई ने जानकारी दी कि बैंकॉक में 30 मंजिला निर्माणाधीन टावर के ढहने से कम से कम तीन श्रमिकों की मौत हो गई और 81 लोग मलबे में फंसे हुए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
भूकंप के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें निर्माणाधीन इमारत ढहती नजर आ रही थी। हालांकि, इन वीडियो की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। अब तक किसी और के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
इमारतों में अलार्म बजने लगे
दोपहर 1:30 बजे जब भूकंप आया, तो इमारतों में अलार्म बजने लगे। घबराए हुए लोग घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक में ऊँची इमारतों और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतर आए। लोग तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप में सड़कों पर ही डटे रहे।
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपातकालीन बैठक
प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने भूकंप के प्रभाव का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र में करीब 1.7 करोड़ लोग रहते हैं, जहां कई ऊँची इमारतें स्थित हैं।
लगभग सभी इलाकों में महसूस हुआ भूकंप
थाईलैंड के आपदा निवारण विभाग के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के मध्य क्षेत्र में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर (30 मील) पूर्व में स्थित है। राजधानी नेपीता में धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुँचा है। धार्मिक इमारतों के कुछ हिस्से गिर गए और कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। म्यांमार से अब तक नुकसान की कोई विस्तृत रिपोर्ट नहीं मिल पाई है, क्योंकि वहां गृहयुद्ध चल रहा है।






