श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने सदन में स्थगन प्रस्ताव रखा। इसके बाद पार्टी के अन्य विधायक वेल की ओर बढ़ने लगे, लेकिन मार्शलों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान सदन में जमकर नारेबाज़ी हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों ने काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और वक्फ कानून को वापस लेने की माँग की। विरोध के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। सत्र की शुरुआत में ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने वक्फ कानून पर चर्चा की माँग की। इसी मुद्दे पर विवाद बढ़ा जब एनसी के विधायक हिलाल लोन और सलमान सागर ने कानून की प्रतियाँ फाड़ दीं।
‘यह संविधान का उल्लंघन है’
कांग्रेस विधायक इरफान हफीज लोन ने कहा कि यह कानून संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में केवल संख्या का महत्व नहीं होता। सरकार को हमसे संवाद करना चाहिए था और हमारी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था। यह कानून, संघवाद और धर्मनिरपेक्षता की मूल भावनाओं का उल्लंघन है।”
‘विधायकों की ज़िम्मेदारी है ऐसे मुद्दे उठाना’
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने कहा कि वक्फ कानून पर बहस करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाया गया है, जिस पर 10-11 विधायकों ने हस्ताक्षर किए हैं। स्पीकर से इस पर बहस की अनुमति देने की मांग की गई है।
पीडीपी का आरोप, एनडीए की मदद कर रही सरकार
पीडीपी नेता वहीद पर्रा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह एनडीए सरकार के इशारे पर वक्फ कानून को लागू कर रही है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ धोखा बताया।






