सहारनपुर: दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम कार्यालय की ओर से एक नया आदेश पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि फिलहाल महिलाओं के संस्थान में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई जा रही है। यह पाबंदी उन महिलाओं पर है जो अकीदत के तौर पर दारुल उलूम की इमारतें देखने आती हैं। इस बार इस रोक के दायरे में छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
संस्थान की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि आगामी दिनों में प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं, जिनमें देशभर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे। इसलिए व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि लोग संस्थान में घूमने आते समय अपने साथ महिलाएं और बच्चे न लाएं।
पहले भी लग चुकी है रोक
यह पहली बार नहीं है जब दारुल उलूम ने महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई हो। इससे पहले मई 2023 में भी इसी तरह की पाबंदी लगाई गई थी। तब यह कदम सोशल मीडिया पर रील और फोटो वायरल होने की शिकायतों के बाद उठाया गया था। हालांकि, नवंबर में कुछ शर्तों के साथ महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। उस दौरान विज़िटर कार्ड अनिवार्य किया गया था, जिसके लिए ID कार्ड जमा करना होता था। यह कार्ड सिर्फ दो घंटे के लिए वैध होता था और महिलाओं को सूर्यास्त से पहले परिसर से बाहर निकलना होता था।
परीक्षा के बाद हटेगा प्रतिबंध
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह कदम केवल प्रवेश परीक्षा के दौरान भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए उठाया गया है, और परीक्षा समाप्त होने के बाद इस प्रतिबंध को हटा लिया जाएगा।




