अब आप देश के किसी भी राज्य से गाड़ी खरीदकर उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर का पसंदीदा (वीआईपी) नंबर प्राप्त कर सकेंगे। परिवहन विभाग ने इसके लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी राज्य से गाड़ी खरीदने के बाद यदि वह वाहन अस्थायी पंजीकरण (टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन) पर एनओसी लेकर उत्तर प्रदेश लाया जाता है, तो उसे यूपी में मनचाहा वीआईपी नंबर दिया जा सकेगा। यह नई व्यवस्था अप्रैल महीने से लागू कर दी गई है।
अब तक यह सुविधा केवल उन्हीं वाहनों को मिलती थी जो उत्तर प्रदेश की एजेंसियों से खरीदे जाते थे। लेकिन विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में पता चला कि अब तक वीआईपी नंबरों की 1089 सीरीज़ जारी की गई है, जिनमें से 2.84 लाख नंबर अभी भी आवंटित नहीं हो पाए हैं। यदि प्रत्येक नंबर से कम से कम 5000 रुपये का राजस्व मिलता, तो विभाग को करीब 1425 करोड़ रुपये की आमदनी होती। वहीं, खास नंबर जैसे 0001, 0007, 0011, 0786 की नीलामी से प्रति नंबर 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक का राजस्व हो सकता है। इस आधार पर अनुमान लगाया गया है कि सभी वीआईपी नंबर जारी कर विभाग लगभग 2000 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त कर सकता है।
इसी आकलन के बाद परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया और निर्णय लिया कि अब दूसरे राज्यों से खरीदी गई गाड़ियों को भी वीआईपी नंबर आवंटित किया जाएगा। इस संबंध में परिवहन आयुक्त बी.एन. सिंह ने सभी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में बहुत से लोग लग्जरी गाड़ियाँ दिल्ली, हरियाणा जैसे अन्य राज्यों से खरीदते हैं और चाहते हैं कि उनका पंजीकरण यूपी में उनके पसंदीदा जिले और मनपसंद नंबर के साथ हो। पहले परिवहन विभाग की पाबंदियों के कारण यह संभव नहीं था। अब नए आदेश के तहत, यदि वाहन मालिक दूसरे राज्य से वाहन खरीदकर टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन और एनओसी के साथ आते हैं, तो उन्हें भी उत्तर प्रदेश का मनपसंद वीआईपी नंबर मिल सकेगा।
इसके लिए वाहन मालिकों को केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के नियम 54 और अधिनियम की धारा 47(1) के तहत फार्म 27 में आवेदन करना होगा। वीआईपी नंबरों का आवंटन ऑनलाइन नीलामी या “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगा। जो व्यक्ति सबसे ऊँची बोली लगाएगा, उसे संबंधित नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। इससे जहां वाहन मालिकों को उनकी पसंद का नंबर मिलेगा, वहीं सरकार को भी करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
यूपी: अब किसी भी राज्य से गाड़ी खरीद कर ले सकेंगे वीआईपी नंबर, प्रदेश सरकार ने बदले नियम





