पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने लिए पांच बड़े फैसले, पाक नागरिकों के वीजा रद्द

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बड़ी कार्रवाई, सिंधु जल संधि तोड़ी, और पाक नागरिकों के वीजा रद्द, अटारी बॉर्डर भी बंद

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई। इस बैठक में कई कड़े फैसले लिए गए। बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को सरकार के फैसलों की जानकारी दी।
मिस्री ने बताया कि सीसीएस ने देश की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सभी सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा, जैसे हाल ही में तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के मामले में किया गया। मिस्री ने बताया कि मंगलवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। सीसीएस ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सीसीएस के अहम फैसले:

सिंधु जल संधि पर रोक: 1960 में हुई सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है, जब तक कि पाकिस्तान स्पष्ट और स्थायी रूप से सीमा पार आतंकवाद का समर्थन नहीं छोड़ता।
अटारी चेक पोस्ट बंद: अटारी के एकीकृत चेक पोस्ट को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। जो लोग वैध तरीके से भारत में प्रवेश कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 तक इसी रास्ते से वापस जा सकते हैं।
वीजा रद्द: पाकिस्तानी नागरिकों के SPES वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। अब उन्हें सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पाक उच्चायोग के अधिकारी निष्कासित: नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना, वायु और सैन्य सलाहकारों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया गया है। उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
भारतीय अधिकारी वापस बुलाए जाएंगे: भारत ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने सभी रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

ढाई घंटे तक चली सीसीएस की बैठक
बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

हमले में 28 की मौत, अलर्ट पर सुरक्षाबल
मंगलवार को पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई और 17 घायल हो गए। हमले के बाद से सेना, पुलिस, एनआईए और अन्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। ड्रोन और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है।
हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों की पहचान आदिल अहमद ठाकुर (लश्कर-ए-तैयबा) और आशिफ शेख (जैश-ए-मोहम्मद) के रूप में हुई है। इनके अलावा दो पाकिस्तानी आतंकियों की भी पहचान हुई है। बताया गया है कि आतंकियों ने हमले की वीडियो रिकॉर्डिंग की थी।
बुधवार को हमले में मारे गए लोगों के शव श्रीनगर लाए गए, जहां पुलिस नियंत्रण कक्ष में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। गृह मंत्री अमित शाह ने भी वहां पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

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