दुनियाभर में हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर कोरोना महामारी के बाद इसमें खतरनाक इजाफा देखा गया है। अब कम उम्र के लोग भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं और मौत के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। आप भी अक्सर हार्ट अटैक और इससे होने वाली मौतों की खबरें सुनते और पढ़ते होंगे। ऐसे में आपके मन में भी यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर हार्ट अटैक इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं?
आम धारणा है कि जो लोग फिटनेस को लेकर सतर्क रहते हैं, नियमित रूप से व्यायाम और जिम करते हैं, उनमें हृदय रोगों का खतरा कम होता है। लेकिन कई घटनाएं बताती हैं कि जिम करते समय भी हार्ट अटैक आ सकता है और जान भी जा सकती है। तो आखिर ऐसी स्थिति क्यों बन रही है? इसके पीछे क्या कारण हैं?
वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ती चिंता
हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर में 52 वर्षीय व्यक्ति की जिम में एक्सरसाइज करते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह डंबल रखते समय अचानक गिरते नजर आए।
इसी तरह प्रसिद्ध योग गुरु और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. पवन सिंहल की भी साइलेंट हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। डॉ. सिंहल अपनी स्वस्थ जीवनशैली और सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 2022 में 11 घंटे में 100 किमी दौड़ने का रिकॉर्ड भी बनाया था और नियमित योग-रनिंग करते थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिजिकल फिटनेस और दिल के स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि व्यायाम करने वालों को हार्ट अटैक नहीं हो सकता। अंतर बस इतना है कि जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, वे इस तरह की समस्याओं को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं।
जिम में हार्ट अटैक के पीछे के कारण
डॉक्टर बताते हैं कि इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान, और सबसे बड़ी बात – दिल की सेहत की सही जानकारी का अभाव। कई बार बिना मेडिकल जांच के लोग जिम या स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एडमिशन ले लेते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
आमतौर पर जिम जॉइन करने से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है, लेकिन कई जिम और लोग इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे यह पता नहीं चलता कि आपका दिल व्यायाम के दबाव को सहने के लिए तैयार है या नहीं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि जिम जाने से पहले ईसीजी, इको टेस्ट, खून की सामान्य जांच, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवा लेनी चाहिए। इससे हृदय स्वास्थ्य का सही आकलन हो सकता है और समय रहते सावधानी बरती जा सकती है। अगर कोई भी टेस्ट सामान्य नहीं आता है, तो अधिक तीव्र व्यायाम से बचना चाहिए।
नोट: किसी भी स्वास्थ्य समस्या को लेकर अधिक जानकारी और सलाह के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।







[…] […]