आपत्तिजनक टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार: “संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बोलना चाहिए”

कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह को फटकार लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति को खासकर संवेदनशील समय में अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।”

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक सभा के दौरान विजय शाह ने बिना नाम लिए कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदर्भ देते हुए कहा था, “हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैला और देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की वह अधिकारी हैं जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में आतंकियों के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाई थी। शाह की इस टिप्पणी को अपमानजनक, महिला विरोधी और देश की एकता के खिलाफ माना गया।

हाई कोर्ट की सख्ती
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए 14 मई को पुलिस को चार घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने शाह के बयान को “गटर स्तर का” और “कैंसर जैसा” बताते हुए इसे नफरत फैलाने वाला बताया। पुलिस ने BNS की धाराएं 152, 196(1)(बी), और 197(1)(सी) के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें 3 से 7 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका
विजय शाह ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और वे पहले ही सार्वजनिक माफी मांग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि यह माना कि हाई कोर्ट ने उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि बयान की गंभीरता को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। अब मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी। इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। कांग्रेस, सपा और बसपा समेत विपक्षी दलों ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे महिला विरोधी मानसिकता बताया, वहीं मायावती ने इसे सेना और राष्ट्रीय एकता का अपमान कहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में शाह के निवास पर काला रंग फेंक कर विरोध दर्ज कराया।

विजय शाह की सफाई और भाजपा की प्रतिक्रिया
विजय शाह ने कई बार माफी मांगते हुए कहा कि उनका मतलब गलत तरीके से समझा गया और वे कर्नल सोफिया का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं 10 बार माफी मांगने को तैयार हूं।” भाजपा ने विवाद को शांत करने के लिए अपने प्रतिनिधियों को कर्नल सोफिया के छतरपुर स्थित घर भेजा और उन्हें “देश की बेटी” कहा। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

जनता और सेना में नाराज़गी
कर्नल सोफिया के सम्मान को लेकर यह मामला जनता और सेना दोनों में नाराजगी का कारण बना। सोशल मीडिया पर विजय शाह की जमकर आलोचना हुई। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सहित कई संगठनों ने उनकी टिप्पणी को सेना और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया।

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