गुरुवार को अहमदाबाद में हुए भयावह विमान हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों की सुरक्षा जांच बढ़ाने का निर्देश दिया है। हादसे में 242 में से 241 यात्रियों की मौत हो गई थी। हादसा उस वक्त हुआ जब एयर इंडिया का एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के कुछ समय बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार 242 यात्रियों में से केवल एक ही जीवित बचा।
डीजीसीए ने शुक्रवार को एयर इंडिया को एक पत्र भेजकर इन विमानों की व्यापक जांच और रखरखाव के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत 15 जून, 2025 से पहले सभी बोइंग 787-8/9 विमानों पर जांच की जानी होगी। इन जांचों में उड़ान से पहले एक बार की जाने वाली प्रक्रियाएं शामिल हैं, जैसे – ईंधन से संबंधित मानकों की निगरानी, केबिन एयर कंप्रेसर और उससे जुड़ी प्रणालियों की जांच, इलेक्ट्रॉनिक इंजन नियंत्रण प्रणाली का परीक्षण, इंजन ईंधन एक्ट्यूएटर की कार्यक्षमता की जांच, तेल प्रणाली की जांच, हाइड्रोलिक सिस्टम की सेवा-क्षमता जांच और टेक-ऑफ पैरामीटर्स की समीक्षा। रिपोर्ट के अनुसार, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के पास 26 बोइंग 787-8 और 7 बोइंग 787-9 विमान हैं। ये सभी जांचें संबंधित डीजीसीए क्षेत्रीय कार्यालयों और जेनएक्स इंजन से लैस विमानों के अनुसार की जाएंगी।
अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
हादसे के अगले दिन,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटना की पूरी जानकारी दी। बैठक में केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल, राम मोहन नायडू और राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल भी शामिल हुए। इस दौरान नागरिक उड्डयन विभाग, डीजीसीए, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और राहत आयुक्त ने गृह मंत्री को राहत, बचाव और चिकित्सा सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी और आगे की कार्यवाही पर चर्चा की गई।






