पहलगाम हमले के बाद बंद हुए पर्यटन स्थल फिर से खुले, कश्मीर में लौटेगी रौनक

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घोषणा की है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद अस्थायी रूप से बंद किए गए सभी आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों को अब दोबारा खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में स्थिति अब सामान्य है और इस फैसले से पर्यटन को फिर से गति मिलेगी।

कश्मीर में फिर लौटेगी चहल-पहल
एलजी सिन्हा ने बताया कि अनंतनाग जिले के पहलगाम, बेताब घाटी, पहलगाम बाजार के आसपास के पार्क, वेरीनाग गार्डन, कोकेरनाग गार्डन और अच्छाबल गार्डन फिर से आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके अलावा श्रीनगर के बादामवारी पार्क, निगीन झील के पास डक पार्क और दरगाह हजरतबल के पास स्थित तकदीर पार्क को भी खोला गया है।

जम्मू के पर्यटन स्थल भी बहाल
जम्मू संभाग के भी कई पर्यटन स्थलों को पुनः खोला गया है, जिनमें बग्गर, देवी पिंडी, सेहर बाबा झरना, सुलह पार्क, गुल डंडा, जय वैली और पंचारी शामिल हैं। यह सभी स्थल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए थे। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली थी। हमले के बाद टूरिस्टों की संख्या में भारी गिरावट आई, जिससे जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ा। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लगातार बंद स्थलों को फिर से खोलने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की वापसी से कश्मीर की छवि सुधरेगी और एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

वंदे भारत ट्रेन ने बढ़ाया उत्साह
दिल्ली से कश्मीर के लिए शुरू हुई वंदे भारत ट्रेन सेवा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। एलजी सिन्हा ने बताया कि रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले दस दिनों तक की बुकिंग फुल है। यह दर्शाता है कि लोग कश्मीर लौटने को लेकर विश्वास और उत्साह से भरे हुए हैं।

अमरनाथ यात्रा की तैयारी पूरी
अमरनाथ यात्रा को लेकर एलजी सिन्हा ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा बल पूरी तरह तैनात हैं और व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। उन्होंने जनता से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यात्रा को सफल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। मनोज सिन्हा ने देशभर के पर्यटकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर की यात्रा करें और यहां की सुंदरता, संस्कृति और शांति का अनुभव करें।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading