वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रतिबंधित क्षेत्र में तेज प्रताप यादव द्वारा बनाए गए रील वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तेज प्रताप यादव, जो लालू यादव के बड़े बेटे हैं, 12 जून को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मंदिर परिसर के भीतर करीब 52 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे उन्होंने अगले दिन अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में तेज प्रताप मंदिर के उस अति-संवेदनशील क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं, जहां मोबाइल और कैमरा उपयोग पर सख्त रोक है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्र ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जाएगी और यदि इसमें नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की वीडियो शूटिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है और इसे लेकर सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
मंदिर प्रशासन ने यह जिम्मेदारी सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस को सौंपी है, जो इस मामले की संयुक्त जांच करेंगी। सीईओ ने कहा, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की गरिमा सर्वोपरि है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से कई श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है। नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे परिसर के नियमों का पालन करें और इसकी पवित्रता बनाए रखें।
काशी विश्वनाथ धाम में तेज प्रताप यादव के रील वीडियो पर विवाद, जांच के आदेश






