ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब और व्यापक हो सकता है। इस बीच खबर सामने आई है कि अमेरिका भी इस युद्ध में शामिल हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दे दी है, हालांकि अंतिम आदेश जारी करने से फिलहाल रोक लगा दी है।
हमले की अनुमति दी, लेकिन फाइनल निर्देश पर रोक
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने सैन्य अधिकारियों को ईरान पर हमला करने की स्वीकृति तो दे दी है, लेकिन अंतिम आदेश देने से पहले कुछ समय के लिए रुकने को कहा है। उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इजरायल के साथ युद्ध की आशंका और अमेरिका की धमकी से ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हट जाएगा।
“कोई नहीं जानता मैं क्या करने जा रहा हूं” – ट्रंप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या अमेरिका, इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ कार्रवाई में भाग लेगा, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं ऐसा कर सकता हूं, या शायद नहीं भी। कोई नहीं जानता मैं क्या करने जा रहा हूं।”
जिनेवा में परमाणु वार्ता की योजना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के विदेश मंत्री जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की योजना बना रहे हैं। इस वार्ता का उद्देश्य ईरान को केवल शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम जारी रखने के लिए मनाना है।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा है कि उनका देश अमेरिकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने ट्रंप की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका युद्ध में शामिल होता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान कभी झुकेगा नहीं और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का करारा जवाब दिया जाएगा, जिससे अमेरिका को अपूरणीय क्षति हो सकती है। खामनेई ने ट्रंप के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि “ईरान को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए”। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता किसी भी धमकी भरी भाषा को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि ईरान आत्मसमर्पण करने वाला देश नहीं है।




