प्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं। यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लगभग 24 मीटर लंबे स्पैन का बैली ब्रिज बना रहा है। मौसम अनुकूल रहने पर विभाग ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है। इसके अलावा स्यानाचट्टी में सिंचाई विभाग यमुना नदी में बनी झील के मुहाने से मलबा हटाने का कार्य कर रहा है। गौरतलब है कि 28 जून को यमुनोत्री हाईवे का एक हिस्सा ओजरी क्षेत्र में बह गया था।
बारिश के बाद मलबा आने से प्रदेश में सड़कों के बंद होने का सिलसिला बना हुआ है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत राज्य में कुल 67 सड़कें अवरुद्ध हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, रुद्रप्रयाग में चार ग्रामीण सड़कें, उत्तरकाशी में एक एनएच और 11 ग्रामीण सड़कें, नैनीताल में दो, चमोली में एक राज्य मार्ग समेत 21 ग्रामीण सड़कें, पिथौरागढ़ में छह ग्रामीण, अल्मोड़ा में एक राजमार्ग और एक ग्रामीण मार्ग, बागेश्वर में 11 ग्रामीण सड़कें, पौड़ी गढ़वाल में तीन, देहरादून में दो और टिहरी जिले में तीन ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हैं। सभी अवरुद्ध मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में आज से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने छह जुलाई को रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर और देहरादून जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस बीच, मलबा आने से सड़कों के बंद होने की स्थिति अब भी बनी हुई है और यमुनोत्री हाईवे सहित 67 सड़कें अभी भी बंद हैं।






