ड्यूटी में लापरवाही बरतने और काम से बचने वाले कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया जाएगा। उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने यह बड़ा ऐलान किया है।
देहरादून: उत्तराखंड में अब ड्यूटी से बचने वाले कर्मचारियों को रिटायर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाएगी। जो कर्मचारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने कार्यों का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अब विभागाध्यक्षों के माध्यम से ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से कर्मचारियों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि इसी माह से विभागों द्वारा लापरवाह कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी। बैठक में सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिक्रमणकारियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेशभर में सरकारी भूमि और व्यक्तिगत भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं से भी इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को विभिन्न अपराधों में संलिप्त वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वन विभाग अब तक पुलिस की मदद से 1400 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटा चुका है, और आगे भी इस पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा
मुख्यमंत्री धामी ने त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने डीजीपी दीपम सेठ को राज्यभर में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को जाम की समस्या से अनावश्यक परेशानी न हो।





