देहरादून में दिखाई देगी 186 साल पुराने इतिहास की झलक, राष्ट्रपति तपोवन में सुकून के पल बिता सकेंगे पर्यटक

देहरादून में अब आप 186 साल पुराने ऐतिहासिक धरोहर की झलक देख सकेंगे। हाल ही में खुले राष्ट्रपति तपोवन में आपको शहर की हलचल से दूर, जंगल जैसी शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव मिलेगा। यह स्थान उन लोगों के लिए आदर्श है, जो प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं।
शहर में एक के बाद एक नए पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं, जहां पर्यटक भीड़भाड़ से दूर शांति का अनुभव ले सकते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने जन्मदिन पर राष्ट्रपति तपोवन का उद्घाटन किया था, जो युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो गया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। साथ ही, राष्ट्रपति निकेतन भी अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है, जहां एक ऐतिहासिक हवेली, हरे-भरे उद्यान और खूबसूरत दृश्य देखने को मिलते हैं। इसकी ऐतिहासिक विरासत, शांत माहौल और प्राकृतिक सुंदरता लोगों को खासा आकर्षित कर रही है।

1838 से जुड़ा है राष्ट्रपति निकेतन का इतिहास
करीब 186 साल पहले, यानी 1838 में, राष्ट्रपति निकेतन की नींव रखी गई थी। इसे पहले गवर्नर जनरल के बॉडीगार्ड्स के घोड़ों के लिए समर कैंप के रूप में बनाया गया था। वर्ष 1920 में यहां एक सुंदर बंगला बनाया गया, जिसमें यूनिट के कमांडेंट निवास करते थे। स्वतंत्रता के बाद यही बंगला राष्ट्रपति का रिट्रीट हाउस बन गया, जहां कई राष्ट्रपति गर्मियों में आकर ठहरते थे। इसके साथ ही राष्ट्रपति के घोड़ों की ट्रेनिंग भी यहीं होती थी।

1976 में बना आधिकारिक राष्ट्रपति निवास
1976 में इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति निवास घोषित किया गया। तब से लेकर अब तक इसकी विरासत को संजोने का कार्य लगातार जारी है। वर्तमान में इसका रिट्रीट हाउस नवीनीकरण (रेनोवेशन) के दौर से गुजर रहा है। सिटी पीडब्लूडी की टीम इस पर कार्य कर रही है ताकि इसकी पुरानी शान और स्थापत्य शैली को बरकरार रखा जा सके। काम पूरा होने के बाद इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाएगी।

प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है राष्ट्रपति तपोवन
राष्ट्रपति निकेतन के बगल में फैले 19 एकड़ के क्षेत्र में राष्ट्रपति तपोवन स्थित है। यहां घने पेड़ों की छांव, लकड़ी के पुल, बर्ड वॉचिंग टॉवर और मेडिटेशन के शांत कोने मिलते हैं, जो किसी जंगल जैसे अनुभव कराते हैं। यहां 52 प्रकार की तितलियां, 41 पक्षियों की प्रजातियां, 117 तरह के पौधे और 7 जंगली स्तनधारी जीव पाए जाते हैं, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए इसे एक आदर्श स्थान बनाते हैं।

जल्द खुलेगा राष्ट्रपति उद्यान भी
अगले साल देहरादून में 132 एकड़ में फैला नया राष्ट्रपति उद्यान भी खोला जाएगा। यह सिर्फ घूमने की जगह नहीं होगी, बल्कि इसे एक जीवंत कक्षा (लिविंग क्लासरूम) की तरह तैयार किया जा रहा है, जहां लोग प्रकृति से जुड़कर नई-नई बातें सीख सकेंगे।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading