
तूफान ‘मोंथा’ के चलते प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और किसी भी अफवाह से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ आज आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा। विभाग के मुताबिक, यह तूफान आज रात काकीनाडा क्षेत्र के पास तट से टकराने की संभावना है। तूफान के असर से देश के कई तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उड़ानों और ट्रेनों पर असर
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से मंगलवार को चलने वाली सभी 32 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एयरपोर्ट निदेशक एन. पुरुषोत्तम के अनुसार, आमतौर पर यहां से रोजाना 30 से 32 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स संचालित होती हैं, लेकिन आज सभी उड़ानें रद्द हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट ने AAI की गाइडलाइंस के अनुसार तूफान से पहले और बाद के सभी सुरक्षा उपाय किए हैं। इसी तरह, विजयवाड़ा एयरपोर्ट से आज 16 उड़ानें रद्द की गईं जबकि 5 उड़ानें संचालित हुईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि आज के लिए एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशंस स्थगित कर दिए हैं और कल की उड़ानों के बारे में शाम तक फैसला लिया जाएगा। तिरुपति एयरपोर्ट पर भी चार फ्लाइट्स रद्द हुई हैं। रेलवे पर भी असर पड़ा है साउथ सेंट्रल रेलवे जोन में 27 अक्टूबर और आज मिलाकर कुल 120 ट्रेनें रद्द की गई हैं। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। तूफान के प्रभाव से तमिलनाडु और पुडुचेरी में तेज हवाएं चल रही हैं। विशाखापत्तनम से गुजरने वाली करीब 43 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी सभी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। सोमवार को दिल्ली-विजाग की एक फ्लाइट को भुवनेश्वर डायवर्ट किया गया था।
जानिए कैसे रखे जाते हैं तूफानों के नाम?
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण की जिम्मेदारी WMO-ESCAP (विश्व मौसम संगठन एशिया और प्रशांत के लिए आर्थिक और सामाजिक आयोग) की है। शुरुआत में इस समिति में 8 देश थे भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड। बाद में 5 और देशों को जोड़ा गया, जिनमें यूएई, यमन, कतर, सऊदी अरब और ईरान शामिल हैं। अब कुल 13 देश मिलकर तूफानों के नाम तय करते हैं। हर देश 13 नाम सुझाता है जो सरल, गैर-विवादित और याद रखने में आसान होते हैं।
थाई भाषा में “मोंथा” नाम का अर्थ है “सुगंधित फूल”
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तूफान से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। भुवनेश्वर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, DGP, IMD निदेशक और विभिन्न जिलों के कलेक्टर वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मौसम विभाग भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने बताया कि मोंथा फिलहाल पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है और आज रात काकीनाडा के आसपास तट पार करेगा। ओडिशा के गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग का अनुमान
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 140 से अधिक टीमें तैनात की गई हैं। तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में स्कूलों और आंगनबाड़ियों में 30 अक्तूबर तक छुट्टियां घोषित की गई हैं। तूफान के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की संभावना है जिससे बिजली और नेटवर्क सेवाएं बाधित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा पिछले छह घंटों में 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है और अब यह गंभीर चक्रवाती तूफान बन चुका है। इसके दौरान हवा की गति 90 से 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दक्षिणी राज्यों के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।




