यूपी: फीस को लेकर प्रताड़ित किए जाने पर छात्र ने किया आत्मदाह; वीडियो में बताई पूरी कहानी

प्राचार्य ने कहा, “कॉलेज तेरे बाप की धर्मशाला नहीं है” अगर फीस नहीं दी तो सस्पेंड कर देंगे, पीटीआई और पुलिस ने गालियां दीं और जेल भेजने की धमकी दी।

मुजफ्फरनगर के डीएवी डिग्री कॉलेज में फीस को लेकर हुई प्रताड़ना से आहत छात्र उज्ज्वल राणा ने आत्मदाह कर लिया था। इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते जनदबाव के चलते पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। उज्ज्वल की बहन सलोनी राणा की तहरीर पर कॉलेज प्रबंधक, प्राचार्य, पीटीआई, दरोगा और दो सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा को निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बागपत के भड़ल गांव निवासी उज्ज्वल राणा बुढ़ाना में अपने परिवार के साथ रहकर डीएवी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ता था। आत्मदाह से पहले उसने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि प्राचार्य प्रदीप कुमार ने फीस जमा करने के लिए बाल खींचकर और पिटाई कर अपमानित किया। इसके बाद बुलाए गए पुलिसकर्मियों ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया। उज्ज्वल ने कहा था कि वह गरीब छात्रों की मदद करने की बात करता था, इसी कारण उसे प्रताड़ित किया गया। वीडियो में उसने बताया कि प्राचार्य ने उसे कहा, “कॉलेज तेरे बाप की धर्मशाला नहीं है” और धमकी दी कि अगर फीस नहीं दी तो सस्पेंड कर देंगे। जब उसने विरोध किया तो पीटीआई और पुलिस ने मिलकर उसे गालियां दीं और जेल भेजने की धमकी दी। आहत उज्ज्वल ने सात नवंबर को कॉलेज की कक्षा में पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। साथी छात्रों ने किसी तरह आग बुझाई और उसे गंभीर हालत में मेरठ होते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद जनपद जाट महासभा और अन्य संगठनों ने कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, कॉलेज प्रबंधक और प्राचार्य ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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