फास्टैग को लेकर अब नया अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों के लिए आज यानि शनिवार से एक बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब बिना फास्टैग वाले वाहन यदि टोल प्लाजा पर डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं, तो उन्हें दोगुना टोल नहीं चुकाना पड़ेगा। निर्धारित टोल दर के मुकाबले सिर्फ 25 फीसदी अतिरिक्त राशि देने पर वाहन आगे बढ़ सकेंगे।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी वाहन का फास्टैग के माध्यम से टोल 100 रुपये है, तो नकद भुगतान करने पर पहले की तरह 200 रुपये देने होंगे, लेकिन यूपीआई या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर केवल 125 रुपये ही चुकाने होंगे।
15 नवंबर 2025 से लागू हुए इस नए नियम के तहत अब फास्टैग न होने या उसमें बैलेंस कम होने की स्थिति में दोगुना टोल नहीं लिया जाएगा। इसके स्थान पर, यदि वाहन चालक डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनता है, तो उसे सिर्फ 1.25 गुना (सवा गुना) टोल शुल्क ही देना होगा।
तीन विकल्प उपलब्ध: नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फास्टैग में तकनीकी दिक्कत होने या फास्टैग उपलब्ध न होने पर वाहन चालकों के पास तीन विकल्प रहेंगे—
- फास्टैग से सामान्य दर पर टोल भुगतान
- नकद भुगतान करने पर दोगुना टोल
- यूपीआई से भुगतान करके 1.25 गुना टोल शुल्क का भुगतान।




