पहली बार रविवार के दिन अपना 9 वां बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहली बार रविवार के दिन अपना नौवां बजट प्रस्तुत करेंगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की है कि बजट 1 फरवरी, रविवार को संसद में रखा जाएगा। लगातार नौवां बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के बेहद नजदीक पहुंच जाएंगी।
भारतीय संसदीय इतिहास में यह एक विशेष और ऐतिहासिक क्षण होगा, जब वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को औपचारिक रूप से जानकारी दी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी। यह पहली बार होगा जब आम बजट रविवार के दिन सदन में रखा जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए यह बजट कई मायनों में अहम है। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वह सबसे अधिक बजट पेश करने वाले पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। मोरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे और निर्मला सीतारमण अब उस उपलब्धि से केवल एक कदम दूर हैं।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
- संसद के बजट सत्र का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।
- राष्ट्रपति का अभिभाषण: सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगी। वह लोकसभा कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी।
- आर्थिक सर्वेक्षण: राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी।
13 फरवरी से 9 मार्च तक अवकाश
- बजट सत्र को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
- पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।
- इसके बाद 13 फरवरी से 9 मार्च तक सत्र स्थगित रहेगा। इस दौरान संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।
- दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है।
सरकार ने 1 फरवरी को औपचारिक रूप से ‘बजट दिवस’ घोषित किया है। रविवार को बजट पेश किए जाने का निर्णय और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस सत्र को राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार आने वाले वर्ष के लिए कौन सा आर्थिक खाका प्रस्तुत करती है।





