बांग्लादेश की जेल में हिरासत के दौरान मशहूर हिंदू गायक और अवामी लीग नेता की मौत से सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। परिजनों ने समय पर इलाज न मिलने और राजनीतिक प्रतिशोध के गंभीर आरोप लगाए हैं।
कौन थे प्रोलय चाकी
बांग्लादेश में हिरासत में मौत का एक और मामला सामने आया है, जिसने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसिद्ध गायक और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता प्रोलय चाकी की पुलिस व जेल हिरासत के दौरान मौत हो गई। रविवार देर रात उन्होंने राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अंतिम सांस ली। प्रोलय चाकी अवामी लीग की पाबना जिला इकाई में सांस्कृतिक सचिव थे। वे जिला अवामी शिल्पी गोष्ठी के महासचिव और बनमाली शिल्पकला केंद्र के संयुक्त सांस्कृतिक सचिव जैसे अहम दायित्व भी निभा चुके थे। सांस्कृतिक जगत में उनकी पहचान एक प्रतिष्ठित गायक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में थी। परिजनों के मुताबिक, प्रोलय चाकी को दिसंबर में पाबना से गिरफ्तार किया गया था। उन पर जुलाई में हुए कथित विस्फोट मामले में शामिल होने का आरोप लगाया गया था, जिसमें अवामी लीग के अन्य नेताओं के नाम भी बताए गए थे।परिवार का दावा है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज किया गया। परिवार ने बताया कि प्रोलय चाकी पहले से गंभीर बीमारियों, खासकर हृदय रोग से पीड़ित थे। रविवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद पुलिस हिरासत में ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें समय पर और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई। एक परिजन का कहना है कि यदि समय रहते सही इलाज मिलता, तो उनकी जान बच सकती थी। हिरासत में लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं।
अल्पसंख्यक सुरक्षा पर बहस तेज
इस घटना ने बांग्लादेश में हिरासत में मौतों और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर बहस को फिर हवा दे दी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जबकि परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।






