
- मुंबई में तीन दशक से चल रहा ठाकरे परिवार का राज खत्म
- भाजपा की स्थापना के बाद पहली बार बीएमसी में बनेगा भाजपा का महापौर
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने बड़ी सफलता दर्ज की है। 29 में से 23 महानगरपालिकाओं में भाजपा ने जीत हासिल कर सत्ता कायम की है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भाजपा पहली बार महापौर बनाने जा रही है। मुंबई में ठाकरे बंधुओं का साथ आना भी गठबंधन को बहुमत दिलाने में सफल नहीं रहा। नतीजों से साफ है कि विधानसभा चुनाव के बाद शहरी महाराष्ट्र में भाजपा का प्रभाव और मजबूत हुआ है।
29 महानगरपालिकाओं में 23 पर भाजपा का कब्जा
विधानसभा चुनाव के एक साल बाद हुए नगर निकाय चुनावों के शुक्रवार को आए परिणामों में भाजपा ने 23 महानगरपालिकाओं में जीत दर्ज की। देश की सबसे समृद्ध बीएमसी में भाजपा का 45 साल पुराना सपना पूरा होने जा रहा है। करीब तीन दशकों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व समाप्त हो गया है। इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता का आभार जताया।
मुंबई में महायुति को बहुमत, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ आने से भी विपक्ष को लाभ नहीं मिला। 227 सदस्यीय सदन में भाजपा-नीत महायुति ने बहुमत के लिए जरूरी 114 सीटों से आगे बढ़ते हुए 118 सीटें हासिल कीं। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं।
शिवसेना (यूबीटी), मनसे और एनसीपी (शरद पवार) के गठबंधन को कुल 72 सीटें मिलीं—जिसमें शिवसेना (यूबीटी) 65, मनसे 6 और एनसीपी (शरद) 1 सीट पर सिमटी। एनसीपी (अजीत) को 3, एआईएमआईएम को 8 और सपा को 2 सीटें मिलीं।

प्रमुख शहरों में बढ़त, पवार परिवार को झटका
मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने बढ़त बनाई। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भाजपा ने पवार परिवार को मात दी, जहां चाचा-भतीजे की पार्टियां साथ लड़ी थीं। लातूर, भिवंडी, चंद्रपुर, परभणी, वसई-विरार और मालेगांव को छोड़कर अधिकांश निकायों में भाजपा अकेले या शिवसेना के साथ सत्ता में होगी। भाजपा की स्थापना के 45 वर्षों में यह पहला अवसर होगा जब बीएमसी में भाजपा का महापौर बनेगा।
कांग्रेस को तीन निकायों में सफलता
कांग्रेस को लातूर, चंद्रपुर और भिवंडी-निजामपुर में सफलता मिली।
- लातूर: 70 सदस्यीय निकाय में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत पाया, भाजपा 22 सीटों पर रही।
- मालेगांव: नगर निगम में इंडियन सेकुलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र पार्टी 35 सीटों के साथ शीर्ष पर रही, जबकि एआईएमआईएम 21 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
- भिवंडी-निजामपुर: कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। 90 सदस्यीय निगम में भाजपा 22, शिवसेना 12, एनसीपी (शरद) 12 और अन्य को 14 सीटें मिलीं। यहां कांग्रेस-एनसीपी के साथ आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह भाजपा के विकास एजेंडे की जीत है। हम व्यापक हिंदुत्व में विश्वास करते हैं और शहरों को बदलकर आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।” उन्होंने शिवसेना संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे को भी स्मरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “धन्यवाद महाराष्ट्र। राज्य के जोशीले लोगों ने एनडीए के जनकल्याण और सुशासन के एजेंडे को अपना आशीर्वाद दिया है। नतीजे बताते हैं कि महाराष्ट्र के लोगों के साथ एनडीए का रिश्ता और मजबूत हुआ है।”





