
नई ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, बेरोजगारी भत्ता और पंचायत स्तर पर विकास को पहले से अधिक मजबूती मिलेगी। वहीं, कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के नाम से 45 दिनों का देशव्यापी अभियान शुरू किया है। सोमवार को प्रेस वार्ता में शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता नई योजना ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन) को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया कानून काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि और अधिक सशक्त करेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि विपक्ष यह झूठा प्रचार कर रहा है कि नई योजना के तहत रोजगार केवल चुनिंदा पंचायतों तक सीमित रहेगा। उन्होंने साफ किया कि यह योजना देश की सभी पंचायतों में लागू होगी। काम का अधिकार छीने जाने का दावा पूरी तरह भ्रामक है।
100 की जगह 125 दिन का रोजगार
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नई योजना के तहत अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता गलत बयान देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना छह महीने के भीतर लागू कर दी जाएगी और तब तक मनरेगा जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि योजना से राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार पहले से अधिक धनराशि उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्यों का निवेश ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में सहायक होगा। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में मनरेगा पर करीब दो लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि मौजूदा सरकार अब तक नौ लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।






