
विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकास
विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर और उसके आसपास के इलाकों के समग्र विकास के लिए प्रस्तावित महाबोधि कॉरिडोर परियोजना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने, आधारभूत संरचना को मजबूत करने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बोधगया बीटीएमसी सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बोधगया विधानसभा क्षेत्र के विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष, बीटीएमसी सचिव, होटल एवं टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, मठाधीश, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन, वार्ड पार्षद सहित अनेक स्टेकहोल्डर्स ने भाग लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूरी विकास योजना का केंद्र बिंदु महाबोधि मंदिर होगा। कॉरिडोर का डिजाइन इस तरह तैयार किया जा रहा है, जिससे बोधगया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सके। साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकें। पहले चरण में एयरपोर्ट से बोधगया तक आने वाले पर्यटकों के अनुभव को अधिक सुगम और आकर्षक बनाने पर फोकस किया जाएगा।
कहां मिलेगी कौन-सी सुविधा?
परियोजना के तहत अलग-अलग नोड विकसित किए जाएंगे। नोड-01 में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि नोड-02 में पर्यटकों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। महाबोधि मंदिर तक जाने वाले पैदल मार्ग पर भगवान बुद्ध के जीवन, उपदेशों और दर्शन से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। जयप्रकाश उद्यान का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और नदी किनारे घाटों का निर्माण होगा, जिससे विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। योजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेस्टोरेंट, विशाल पार्किंग स्थल, आधुनिक शौचालय और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था शामिल है। इसके साथ ही फुटपाथों का विकास और सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित दुकानों की व्यवस्था भी की जाएगी। रिवर साइड रोड से बोधगया तक डबल लेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, वहीं पटना से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए दोमुहान के पास बड़े साइनेज लगाए जाएंगे।

आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज भी बनेगा आकर्षण
परियोजना के तहत मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण, बोधगया मठ का सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में पांच बड़े प्रवेश और निकास द्वार बनाने का प्रस्ताव है। जिले की पारंपरिक हस्तशिल्प कला—जैसे पत्थर कला, गम्हार लकड़ी और ताड़ पत्तों से बने उत्पादों—को बढ़ावा देने के लिए एक आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा फल्गु नदी बाईपास से महाबोधि मंदिर तक ग्रीन पार्क विकसित करने की योजना है, जहां पर्यटक पैदल भ्रमण और ध्यान (मेडिटेशन) कर सकेंगे। नदी किनारे बसे गांवों के सामने छठ घाटों का निर्माण भी इस परियोजना का अहम हिस्सा होगा। बैठक के बाद विधायक कुमार सर्वजीत समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट में शामिल करने की बात कही गई है।





