
गांव के सरपंच और पंचायत सचिव पर इस पूरे कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया गया
तेलंगाना में आवारा कुत्तों की हत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा घटना नागरकुर्नूल जिले से सामने आई है, जहां करीब 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मार दिए जाने का आरोप लगा है। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में जबरदस्त आक्रोश है। नागरकुर्नूल जिले के थुम्मैपल्ली गांव में हुई इस घटना को पशु क्रूरता की बेहद गंभीर मिसाल माना जा रहा है। आरोप है कि गांव के सरपंच की भूमिका के चलते इतने बड़े पैमाने पर कुत्तों की हत्या करवाई गई। घटना की जानकारी सामने आते ही पशु अधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ की ओर से सहायक मुदावथ प्रीति ने चारपाका पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, बीते करीब दस दिनों में गांव में आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया। शिकायत में सरपंच और पंचायत सचिव पर इस पूरे कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच के दौरान एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें पशु कल्याण कार्यकर्ता गौतम और सरपंच के बीच बातचीत बताई जा रही है। इस रिकॉर्डिंग में सरपंच द्वारा कुत्तों को मरवाने का आदेश देने और इसके लिए 18 हजार रुपये भुगतान करने की कथित स्वीकारोक्ति सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि ग्राम पंचायत के एक कर्मचारी ने मृत कुत्तों के शवों को हटाकर गांव से करीब दो किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर फेंक दिया। इस मामले में पुलिस को सौंपी गई याचिका में दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पशु अधिकार कार्यकर्ता गौतम ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पशु संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू करने की अपील की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है।






